नमो भारत ट्रेन बनी गेमचेंजर ! लाखों यात्रियों का सफर हुआ आसान, भारी जाम से मिलेगा छुटकारा

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नमो भारत ट्रेन बनी गेमचेंजर ! लाखों यात्रियों का सफर हुआ आसान, भारी जाम से मिलेगा छुटकारा   

Udaipur Times, Namo Bharat in Delhi-NCR : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए नमो भारत ट्रेन बड़ी राहत बनकर उभरी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) की 'मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन' रणनीति के तहत अब यात्रियों को न केवल तेज और विश्वस्तरीय यात्रा सुविधा मिल रही है, बल्कि सड़कों पर लगने वाले भीषण जाम और वायु प्रदूषण से भी राहत मिलने लगी है।

एनसीआरटीसी सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को आपस में जोड़कर एक ऐसा 'नेटवर्क ऑफ नेटवर्क्स' तैयार कर रहा है, जहां यात्री बिना किसी बाधा के अपनी पूरी यात्रा पूरी कर सकें।

सराय काले खां और आनंद विहार में बेहतर कनेक्टिविटी

सराय काले खां और आनंद विहार जैसे व्यस्त परिवहन केंद्रों पर पहले यात्रियों को भारी ट्रैफिक और सामान के साथ लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। इस समस्या के समाधान के लिए सराय काले खां में ट्रैवलेटर से लैस 280 मीटर लंबा फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) बनाया गया है, जो नमो भारत स्टेशन को हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ता है।

वहीं, आनंद विहार में बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए एनसीआरटीसी ने एक नए एफओबी के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह नया कॉरिडोर नमो भारत स्टेशन, रेलवे स्टेशन, मेट्रो और आईएसबीटी को आपस में जोड़ेगा। यहां नमो भारत और दिल्ली मेट्रो के बीच 'पेड-टू-पेड कनेक्टिविटी' और सिंगल-प्वाइंट सुरक्षा जांच की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है, जिससे यात्रियों को बार-बार सुरक्षा जांच से नहीं गुजरना पड़ेगा।

न्यू अशोक नगर और गाजियाबाद में समय की बचत

न्यू अशोक नगर में 300 मीटर लंबा फुट ओवर ब्रिज नमो भारत स्टेशन को दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन से जोड़ता है। यहां सिंगल-प्वाइंट सुरक्षा जांच की सुविधा के कारण व्यस्त समय में भी यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिल रही है। गाजियाबाद स्टेशन को मेरठ तिराहा मोड़ स्थित दिल्ली मेट्रो के शहीद स्थल न्यू बस अड्डा स्टेशन से 300 मीटर लंबे एफओबी के जरिए जोड़ा गया है। भविष्य में यहां ट्रैवलेटर लगाने की भी योजना है, जिससे यात्रियों का सफर और सुविधाजनक हो जाएगा।

फर्स्ट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी पर फोकस

यात्रा को पूरी तरह सुगम बनाने के लिए नमो भारत स्टेशनों पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की बस सेवाओं, दिल्ली की फीडर बसों, ई-ऑटो और उबर व रैपिडो जैसी कैब सेवाओं को भी जोड़ा गया है। इससे यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने और वहां से आगे की यात्रा करने में आसानी हो रही है।

पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी भूमिका

एनसीआरटीसी के अधिकारियों का कहना है कि 82 किलोमीटर लंबा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर केवल शहरों को जोड़ने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह निजी वाहनों पर निर्भरता कम कर पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रहा है। यही वजह है कि नमो भारत का यह मॉडल भविष्य के शहरी परिवहन के लिए एक आदर्श उदाहरण माना जा रहा है। आने वाले समय में दिल्ली-अलवर और दिल्ली-करनाल रूट पर भी इसी तरह की परियोजनाओं पर काम शुरू होने की संभावना है।

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