हरियाणा के इन जिलों में दौड़ेगी नमो भारत ! दिल्ली-सोनीपत-पानीपत कॉरिडोर की DPR मंजूर, लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा
Udaipur Times, Haryana News: हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में नमो भारत का नेटवर्क अब योजनाओं और कागजी प्रस्तावों से आगे बढ़कर आकार लेने की दिशा में है। दक्षिण में बावल-बहरोड़ और उत्तर में पानीपत-करनाल तक प्रस्तावित विस्तार प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक्स हब और तेजी से विकसित हो रहे शहरों को दिल्ली से तेज सार्वजनिक परिवहन के नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बावल-बहरोड़ विस्तार सार्वजनिक निवेश बोर्ड (पीआईबी) स्तर पर आगे बढ़ चुका है, जबकि दिल्ली-सोनीपत-पानीपत नमो भारत कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को हरियाणा सरकार मंजूरी दे चुकी है। इन परियोजनाओं को केवल यात्रा सुविधा बढ़ाने वाली योजनाओं के तौर पर नहीं देखा जा रहा।
इनका सीधा संबंध औद्योगिक निवेश, रोजगार, शहरी विस्तार और एनसीआर में भविष्य की परिवहन जरूरतों से है। दिल्ली से जुड़े हरियाणा के जिन इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में उद्योग तेजी से बढ़े हैं, वहां सड़क यातायात का दबाव भी लगातार बढ़ा है। बावल-बहरोड़ विस्तार का असर केवल यात्री परिवहन तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है।
दक्षिण हरियाणा में विकसित हो रहे औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स ढांचे को राजस्थान के औद्योगिक क्लस्टरों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। नांगल चौधरी का इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब इस क्षेत्र में माल के भंडारण और वितरण की क्षमता बढ़ाने के लिए विकसित किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों और आवासीय विकास को भी इससे बढ़ावा मिलने की संभावना है।
बावल-बहरोड़ तक 36 किलोमीटर का विस्तार
दिल्ली-गुरुग्राम-बावल नमो भारत कॉरिडोर को बहरोड़ तक बढ़ाने के प्रस्ताव में करीब 36 किलोमीटर का नया सेक्शन शामिल है। इसमें लगभग 11 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में और शेष राजस्थान में होगा। प्रस्तावित विस्तार से आईएमटी बावल, रेवाड़ी क्षेत्र और राजस्थान के शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़ औद्योगिक क्लस्टर एक तेज सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से जुड़ सकेंगे। यह पूरा क्षेत्र दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। यहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां और रोजगार के अवसर हैं।
पानीपत के बाद करनाल तक विस्तार की तैयारी
उत्तर हरियाणा के लिए दिल्ली-सोनीपत-पानीपत नमो भारत कॉरिडोर बेहद महत्वपूर्ण है। इसकी DPR को हरियाणा सरकार मंजूरी दे चुकी है और अब परियोजना पर केंद्र के स्तर पर निर्णय होना है। इसके आगे पानीपत से करनाल तक विस्तार की संभावना पर भी काम चल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनસીआरटीसी) की ओर से इस हिस्से के लिए प्रारंभिक अध्ययन आगे बढ़ाया गया है। पानीपत पहले से ही औद्योगिक और कारोबारी गतिविधियों का बड़ा केंद्र है, जबकि करनाल एनएच-44 पर तेजी से विकसित हो रहा प्रमुख शहरी क्षेत्र है। यदि पानीपत-करनाल विस्तार को मंजूरी मिलती है तो दिल्ली से उत्तर हरियाणा तक तेज सार्वजनिक परिवहन की निरंतर कड़ी तैयार हो सकती है।
एनएच-44 की औद्योगिक पट्टी को मिलेगा विकल्प: सोनीपत, पानीपत और करनाल को जोड़ने वाला एनएच-44 क्षेत्र दिल्ली और उत्तर भारत के बीच महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारा है। बढ़ती आबादी, औद्योगिक गतिविधियों और रोजाना के आवागमन के कारण इस मार्ग पर सड़क यातायात का दबाव भी बढ़ रहा है। नमो भारत इस क्षेत्र को सड़क परिवहन के समानांतर तेज विकल्प देगा। इससे दिल्ली में काम करने वाले लोग अपेक्षाकृत दूर के शहरों में रहकर भी रोजाना आवागमन कर सकेंगे। वहीं उद्योगों को बड़े भौगोलिक क्षेत्र से कर्मचारियों की उपलब्धता मिल सकती है।
2041 की जरूरतों को ध्यान में रखकर नेटवर्क
इन परियोजनाओं की योजना तत्काल यातायात जरूरतों के साथ एनसीआर के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। गुरुग्राम-मानेसर से बावल तक दक्षिण हरियाणा और सोनीपत-पानीपत तक उत्तर हरियाणा में औद्योगिक और शहरी विस्तार तेजी से हुआ है। भविष्य में यात्री बढ़ने के साथ केवल सड़क नेटवर्क पर निर्भर रहना मुश्किल होगा। बावल-बहरोड़, दिल्ली-सोनीपत-पानीपत और संभावित पानीपत-करनाल ये तीनों कड़ियां मिलकर हरियाणा के औद्योगिक एनसीआर की तस्वीर बदल सकती हैं।
