दिल्ली-हरियाणा समेत 4 राज्यों में बनेगी नमो सिटी ! 5 हजार करोड़ से मिलेगा ये बड़ा फायदा
Udaipur Times, 4 New Namo Cities : राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बढ़ती आबादी और शहरी दबाव को देखते हुए बड़े स्तर पर शहरी विस्तार की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे, जिन्हें “नमो नोड्स” नाम दिया गया है। ये शहर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में एक-एक बनाए जाएंगे।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) ने 16 जून को इस महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी। इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राजस्थान के शहरी विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए अगले पांच वर्षों में करीब 5,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
भविष्य की आबादी
सरकार के अनुमान के अनुसार, एनसीआर की वर्तमान आबादी लगभग 7.5 करोड़ है, जो अगले 15 वर्षों में बढ़कर करीब 15 करोड़ तक पहुंच सकती है। इसी बढ़ते दबाव को संतुलित करने के लिए नए शहरों का विकास किया जाएगा। इन शहरों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, किफायती आवास, बेहतर ट्रांसपोर्ट सिस्टम और पर्यावरण-आधारित शहरी योजना के अनुसार विकसित किया जाएगा।
नया शहरी मॉडल
केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि “नमो भारत” रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के साथ इन नए शहरों का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य को कम से कम एक बड़ा शहर विकसित करने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि राज्यों से तीन-तीन प्रस्ताव मांगे गए हैं और शहरों का चयन “चैलेंज मोड” के आधार पर किया जाएगा। दिल्ली में एक सब-सिटी विकसित करने की योजना है।
राज्यों से मिले प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश ने जेवर, दादरी, खुर्जा, बुलंदशहर और नोएडा जैसे क्षेत्रों को संभावित ग्रीनफील्ड शहरों के लिए प्रस्तावित किया है। राजस्थान सरकार भी छोटे शहरों के विकास की संभावनाओं का अध्ययन कर रही है।
NCR की सीमा में कोई बदलाव नहीं
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि एनसीआर की भौगोलिक सीमाओं में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। एनसीआर को पहले की तरह ही बनाए रखने पर सभी पक्षों में सहमति बनी।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर
योजना के तहत प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र (Natural Conservation Zone) और अरावली पहाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के सभी पर्यावरण संबंधी आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। एनसीआर को तीन प्रमुख जोनों में विभाजित किया गया है जिनमें कोर जोन, ट्रांजिशन जोन और बाहरी विकास क्षेत्र हैं।
पुराने वाहनों पर सख्ती
प्रदूषण नियंत्रण के तहत एनसीआर के शहरों में 15 साल पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना बनाई गई है। साथ ही नई गाड़ियों की खरीद पर सरकार की ओर से करीब 30 प्रतिशत तक प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि “नमो नोड्स” परियोजना को एनसीआर के भविष्य के शहरी विकास का बड़ा कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य बढ़ती आबादी, ट्रैफिक और पर्यावरणीय दबाव को संतुलित करते हुए एक टिकाऊ और आधुनिक शहरी ढांचा तैयार करना है।
