रूडा के तत्वावधान में राष्ट्रीय दस दिवसीय क्राफ्ट मेला
रूडा (रूरल नॉन फार्म डवलपमेंट एजेंसी) की ओर से राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला ‘गांधी शिल्प् बाजार 2013’ का आज नगर परिषद सभापति रजनी डांगी ने फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि सखाडिय़ा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आई.वी.त्रवेदी थे। मेला 3 मार्च तक चलेगा।

रूडा (रूरल नॉन फार्म डवलपमेंट एजेंसी) की ओर से राष्ट्रीय क्राफ्ट मेला ‘गांधी शिल्प् बाजार 2013’ का आज नगर परिषद सभापति रजनी डांगी ने फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि सखाडिय़ा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.आई.वी.त्रवेदी थे। मेला 3 मार्च तक चलेगा।
इस अवसर पर रजनी डांगी ने कहा कि इस मेले से बिचौलियों की समाप्ति होगी और उत्पादकों को उनके उत्पाद का वास्तविक दाम मिलेगा। त्रिवेदी ने कहा कि मेले के लगने से स्थानीय हस्तशिल्पियों के आगे आने की राह खुलेगी। इस अवसर पर रूडा के कार्यकारी निदेशक जेड. ए. खान ने कहा कि देश के विभिन्न कोनों से आये हस्तशिल्पी अपनी सर्वश्रेष्ठ कला का यहां दस दिन तक प्रदर्शन कर जनता को नवीन उत्पाद उपलब्ध करायेंगे।
मेले में विभिन्न राज्यों उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, आसाम, उड़ीसा, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, हरियाणा आदि सैकड़ो हस्तशिल्पी व दस्तकार 150 से अधिक स्टॉलों के जरिये अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन कर रहे है। डांगी व प्रो. त्रिवेदी ने मेले का अवलोकन किया एंव दस्तकारों एंव उनके कार्यो के बारें में जानकारी ली।
इस अवसर पर केन्द्र सरकार के हस्तशिल्प विभाग के सहायक निदेशक अशोक मीणा ने बताया कि मेले में बेजोड़ कलाकृतियां, रंग-बिरंगे परिधान, बांस व बेंत के फर्नीचर, लखनऊ के चिकन परिधान, तिरुपति का काष्ट कार्य, कांजीवरम की सिल्क साडिय़ां, पोकरण का टेराकोटा, कश्मीर के पश्मीना शॉल, गुलाबी नगरी की ब्लू पॉटरी, सहारनपुर का फर्नीचर, खुर्जा की पॉटरी, बनारस की साडिय़ां, राजघराने की परंपरागत हस्तीछपाई, कुंभकारी कला, चमड़े व पत्थर की कलात्मक वस्तुओं का प्रदर्शन किया जायेगा। मेले का आयोजन केन्द्र सरकार के विकास आयुक्त (हस्त़शिल्प ) के सौजन्य से विभिन्न राज्यों में किया जाता है।
इसके तहत पंजीकृत हस्तुशिल्पियों को वर्ष भर अलग अलग स्थानों पर बिक्री बाजार का आयोजन कर विपणन सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस अवसर पर रूडा के सेठी सहित अनेक अधिकारी उपस्थित थे।
