राजस्थान में 1100 एकड़ जमीन पर बनेगा NCR का पहला MRO हब? 10 हजार लोगों को मिलेगी नौकरियां
Udaipur Times, Rajasthan News : राजस्थान वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। हवाई जहाजों की मरम्मत और रखरखाव के लिए देश में बड़े केंद्रों की सूची में अब राजस्थान का नाम भी शामिल हो सकता है। मिली जानकारी के अनुसार, अलवर जिले के कोटकासिम क्षेत्र में MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) फैक्टरी स्थापित करने की तैयारी चल रही है। मिली जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित यह केंद्र NCR क्षेत्र का पहला बड़ा MRO हब होगा, जहां दिल्ली, जेवर और जयपुर एयरपोर्ट से संचालित विमानों की तकनीकी जांच, रखरखाव और मरम्मत का काम किया जा सकेगा। इससे एयरलाइन कंपनियों को भी बड़ी सुविधा मिलने की संभावना है। Rajasthan News
जानकारी के मुताबिक, राजस्थान सरकार जल्द ही इस परियोजना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी में है। प्रस्तावित MRO फैक्टरी से क्षेत्र में करीब 8 से 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है। परियोजना के तहत यहां हवाई पट्टी विकसित करने की योजना भी बनाई जा रही है, ताकि विमानों की आवाजाही और तकनीकी संचालन सुचारु रूप से हो सके। Rajasthan News
मिली जानकारी के अनुसार, कोटकासिम में वर्ष 2012-13 के दौरान ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और एयरोसिटी विकसित करने की योजना तैयार की गई थी। इसके लिए करीब 1100 एकड़ जमीन भी चिह्नित की गई थी, लेकिन बाद में यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद NCR क्षेत्र का बड़ा एयरपोर्ट UP के नोएडा स्थित जेवर में विकसित किया गया।
अब उसी चिह्नित क्षेत्र में MRO केंद्र स्थापित करने की कवायद शुरू की गई है, जिससे इलाके के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। Rajasthan News
प्रस्ताव
जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय वन मंत्री की ओर से यह प्रस्ताव मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के समक्ष रखा गया। प्रस्ताव में कहा गया कि NCR में विमानों के रखरखाव और मरम्मत के लिए फिलहाल कोई बड़ा केंद्र नहीं है, इसलिए कोटकासिम उपयुक्त स्थान हो सकता है। Rajasthan News
क्या होता है MRO
मिली जानकारी के अनुसार, MRO यानी मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल। यहां विमानों की तकनीकी जांच, मरम्मत और पुर्जों के बदलाव का काम होता है। इन केंद्रों में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर, तकनीशियन और अन्य विशेषज्ञ कार्य करते हैं। Rajasthan News
जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में देश में हैदराबाद, मुंबई, नागपुर, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, कोलकाता, त्रिवेंद्रम और कोचीन में MRO केंद्र संचालित हैं। राजस्थान में किशनगढ़ में भी ऐसा केंद्र विकसित करने की योजना है। वहां जमीन भी आवंटित कर दी गई है।
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