तकनीकी युग को ध्यान में रखकर श्रमिक हित में निर्णय लेने की आवश्यकता
श्रम एवं युवा मामलात राज्यमंत्री मांगीलाल गरासिया ने श्रमिक हितों पर सरकार द्वारा लिये गये कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार बदल रही तकनीकी को ध्यान में रखकर श्रमिक हित में दूरगामी निर्णय लेने होंगे।

श्रम एवं युवा मामलात राज्यमंत्री मांगीलाल गरासिया ने श्रमिक हितों पर सरकार द्वारा लिये गये कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि लगातार बदल रही तकनीकी को ध्यान में रखकर श्रमिक हित में दूरगामी निर्णय लेने होंगे।
गरासिया आज टी.आर.आर्इ सभागार में आयोजित 14वीं भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण मण्डल बैठक की अध्यक्षता करते हुए सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के कल्याण के लिये कई प्रकार की योजनाएं संचालित है लेकिन जानकारी के अभाव में वे इनका सही लाभ नहीं उठा पाते।
उन्होंने मण्डल सदस्यों सहित सभी अधिकारियों से कहा कि वे योजनाओं का लाभ जरूरतमदों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करें। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हितों के सन्दर्भ में आ रही विभिन्न समस्याओं पर राज्य सरकार एवं उनका विभाग प्रयत्नशील हैं।
उन्होंने कहा कि शहरों में रोजगार प्राप्ति के लिये आने वाले श्रमिकों को रात्रि विश्राम करने एवं विश्राम करने के लिये प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों पर विश्रामालय गृह बनाये जाएंगे। इसके लिये स्थानीय निकाय विभाग से बातचीत चल रही है और शीघ्र इसमें अंतिम निर्णय किया जाएगा। उन्होंने श्रमिकों का आनलार्इन रजिस्ट्रेशन करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव राजहंस उपाध्याय ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे निर्माण कार्यो की स्वीकृति जारी करते समय एवं नक्शे पास करते समय स्थानीय निकायों से लगातार सम्पर्क रखे और विभाग को मिलनेवाला सेस नियमित रूप से मिले।
बैठक में श्रम आयुक्त अंजना दीक्षित सहित मण्डल सदस्य बाबुलाल शर्मा, हरकेश बुगालिया एवं सम्बंधित अधिकारीगण मौजूद थे।
बैठक में श्रममंत्री ने हिताधिकारी की पुत्री या स्वंय के विवाह योजना में सात महिला पुरूषों को 51-51 हजार के चैक वितरित किये गये जबकि एक महिला को पारिवारिक सदस्य की मृत्यु होने पर अन्त्येषिट के लिये 10 हजार एवं 40 हजार की अनुग्रह राशि का चैक भी सोंपा गया।

