बार-बार फेल होने के बाद भी नहीं मानी हार, 24 साल की उम्र में IAS बन नेहा ब्याडवाल ने रचा इतिहास

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बार-बार फेल होने के बाद भी नहीं मानी हार, 24 साल की उम्र में IAS बन नेहा ब्याडवाल ने रचा इतिहास 

Udaipur Times, IAS Neha Byadwal Success Story : नेहा ब्याडवाल की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। 5वीं कक्षा में फेल होने से लेकर लगातार तीन बार UPSC में असफलता झेलने तक, नेहा ने कई मुश्किलों का सामना किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार 24 साल की उम्र में IAS अधिकारी बनकर अपना सपना पूरा कर लिया।

बार-बार फेल होने के बाद भी नहीं मानी हार

जयपुर में जन्म, कई शहरों में हुई पढ़ाई

नेहा का जन्म जयपुर में हुआ था, लेकिन उनकी परवरिश छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में हुई। उनके पिता श्रवण कुमार आयकर विभाग में अधिकारी हैं। सरकारी नौकरी के कारण उनके पिता का कई बार तबादला हुआ, जिसकी वजह से नेहा को भी बार-बार स्कूल बदलने पड़े। उन्होंने जयपुर के बाद भोपाल के किड्स हाई स्कूल, डीपीएस कोरबा और डीपीएस बिलासपुर जैसे स्कूलों में पढ़ाई की। नए माहौल और नई भाषा में खुद को ढालने में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसी दौरान वे 5वीं कक्षा में फेल भी हो गई थीं।

असफलता को नहीं बनने दिया कमजोरी

स्कूल में मिली असफलता ने नेहा को कमजोर नहीं बनाया। उन्होंने पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया और रायपुर के DB Girls College से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। यहां वे यूनिवर्सिटी टॉपर भी रहीं। कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके पिता ने उन्हें सिविल सेवा में जाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू कर दी।

UPSC में लगातार तीन बार मिली असफलता

नेहा का IAS बनने का सफर बिल्कुल आसान नहीं था। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में लगातार तीन बार असफलता का सामना किया। इस दौरान कई बार निराशा भी हुई, लेकिन परिवार ने उनका पूरा साथ दिया और उन्हें टूटने नहीं दिया।

एक इंटरव्यू में नेहा ने कहा था, "कई मुश्किलें आईं, लेकिन परिवार ने हमेशा मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मेरा मानना है कि कठिन समय ही हमें खुद को समझने का मौका देता है।"

बार-बार फेल होने के बाद भी नहीं मानी हार

तीन साल तक सोशल मीडिया से बनाई दूरी, भाई की घड़ी ने चुनौती से निपटने में किया गाइड

पहले प्रयास में असफल होने के बाद नेहा को एहसास हुआ कि सोशल मीडिया और मोबाइल फोन पर अधिक समय बिताने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके बाद उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया। छोटे भाई की घड़ी ने प्रेशर में फोकस करना सिखाया।

वे कहती हैं, 'मैंने अपनी कमजोरियों पर काम किया और अपनी खूबियों को और मजबूत किया। मेरा छोटा भाई मेरा पक्का साथी बना। उसने अपनी छोटी सी स्टॉपवॉच की मदद से मुझे दबाव में लिखने की चुनौती से निपटने में गाइड किया।'

उन्होंने करीब तीन साल तक सोशल मीडिया से दूरी बना ली और मोबाइल का इस्तेमाल बेहद कम कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी सीमित संपर्क रखा ताकि पूरी तरह से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

SSC की नौकरी भी ठुकरा दी

UPSC की तैयारी के दौरान नेहा ने कई बार Staff Selection Commission (SSC) की परीक्षाएं भी पास कीं, लेकिन उन्होंने कोई सरकारी नौकरी जॉइन नहीं की। उनका एकमात्र लक्ष्य IAS अधिकारी बनना था और उसी पर वे पूरी तरह फोकस रहीं।

चौथे प्रयास में मिली सफलता

आखिरकार साल 2021 में उनकी मेहनत रंग लाई। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा अपने चौथे प्रयास में पास कर ली और ऑल इंडिया रैंक (AIR) 569 हासिल की। उन्होंने कुल 960 अंक प्राप्त किए, जिसमें इंटरव्यू में 151 अंक शामिल थे। महज 24 साल की उम्र में IAS अधिकारी बनने वाली नेहा की सफलता आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

बार-बार फेल होने के बाद भी नहीं मानी हार

अब सोशल मीडिया पर दे रही हैं सफलता के मंत्र

दिलचस्प बात यह है कि UPSC पास करने के बाद नेहा एक बार फिर सोशल मीडिया पर लौटीं, लेकिन इस बार उद्देश्य अलग था। आज उनके इंस्टाग्राम पर 28 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जहां वे UPSC अभ्यर्थियों को पढ़ाई की रणनीति, मोटिवेशन और सफलता के टिप्स देती हैं।

नेहा ब्याडवाल की कहानी यह साबित करती है कि असफलता कभी भी सफलता की राह में अंतिम पड़ाव नहीं होती। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदार हो और परिवार का साथ मिले, तो हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।

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