दिल्ली से वडोदरा का सफर होगा सुपरफास्ट, जल्द शुरू होगा ये नया 8 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

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दिल्ली से वडोदरा का सफर होगा सुपरफास्ट, जल्द शुरू होगा ये नया 8 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे 

Udaipur Times, Delhi-Vadodara Greenfield Expressway in final stage: देश में तेजी से बन रहे फोरलेन और एक्सप्रेसवे नेटवर्क के बीच अब दिल्ली-वडोदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का इंतजार भी जल्द खत्म होने वाला है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के अहम हिस्से के रूप में विकसित हो रहा यह 8 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि साल 2026 के अंत तक इस मार्ग पर वाहनों का संचालन शुरू हो सकता है।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का अहम हिस्सा

दिल्ली-वडोदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, करीब 1,350 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य वर्ष 2019 में शुरू हुआ था और अब इसके अधिकांश हिस्सों का काम पूरा हो चुका है। कुछ सेक्शन पहले ही आम लोगों के लिए खोल दिए गए हैं।

चार राज्यों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे

यह एक्सप्रेसवे हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात से होकर गुजरता है। इसके तहत करीब 900 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग-148एन का निर्माण किया जा रहा है, जिसे दिल्ली-वडोदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के नाम से जाना जाता है। यह परियोजना हरियाणा के 3 जिलों, राजस्थान के 7 जिलों, मध्य प्रदेश के 3 जिलों और गुजरात के 3 जिलों से होकर गुजरेगी। इन 16 जिलों में बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण किया गया है और प्रभावित किसानों को मुआवजा भी दिया जा चुका है।

95 हजार करोड़ रुपये की लागत

गुरुग्राम के सोहना स्थित अलीपुर गांव से शुरू होने वाले इस एक्सप्रेसवे का निर्माण करीब 95,000 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। करीब 1,350 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर को 40 अलग-अलग पैकेज में बांटा गया है।

8 लेन से 12 लेन तक बढ़ाने की योजना

यह देश के सबसे आधुनिक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में शामिल होगा। इसकी चौड़ाई लगभग 100 मीटर रखी गई है और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे 12 लेन तक विस्तारित करने की योजना भी बनाई गई है।

यात्रा समय में होगी बड़ी कमी

इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली और वडोदरा के बीच यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि माल ढुलाई और औद्योगिक गतिविधियों को भी बड़ा फायदा होगा।

अंतिम चरण में बचा है यह काम

दिल्ली से कोटा और मध्य प्रदेश सीमा तक एक्सप्रेसवे के कई हिस्से पहले ही चालू हो चुके हैं। वहीं, कोटा के पास सुरंग निर्माण और गुजरात में हाई-टेंशन बिजली लाइनों को हटाने का काम अंतिम चरण में है। इन कार्यों के पूरा होते ही दिल्ली से वडोदरा तक का पूरा कॉरिडोर यातायात के लिए तैयार हो जाएगा।

आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से चार राज्यों में औद्योगिक विकास, निवेश, लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति मिलेगी। साथ ही, दिल्ली और मुंबई जैसे देश के दो सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

दिल्ली-वडोदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही देश को एक और हाई-स्पीड, आधुनिक और विश्वस्तरीय सड़क कॉरिडोर मिलने जा रहा है, जो यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा।

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