नई सुबह का गीत
पूरब दूर गगन में आलोकित हुआ सूरज नई किरणों को साथ लिए, अंक साल के बदल गए मंगल आशा गीतों की स्वर लहरी लिए अभिनन्दन करे इस नव पहर का कि आलोकित हो दस दिशाएं बयार है ठंडी ठंडी सी फिर भी सूरज का कुंद सा दर्शन लेकर आया एक नई उमंग शनैः शनैः मिट […]

पूरब दूर गगन में आलोकित हुआ सूरज
नई किरणों को साथ लिए,
अंक साल के बदल गए मंगल आशा
गीतों की स्वर लहरी लिए
अभिनन्दन करे इस नव पहर का
कि आलोकित हो दस दिशाएं
बयार है ठंडी ठंडी सी
फिर भी सूरज का कुंद सा दर्शन
लेकर आया एक नई उमंग
शनैः शनैः मिट गयी बुँदे पाले की
जीवन ज्योत में आस्था अथाह
लेकर आया सूरज किरणे नन्ही नन्ही
निष्ठां, संकल्प , विश्वास की
बाती जला सूरज आया पूर्व दिशा से
ले सन्देश के पूर्ण हो संकल्प तुम्हारे
साथ लेकर चलना जो छूटे पीछे
साथ जो आयी है सूरज की किरणे अनेक
नव वर्ष का अभिनन्दन कर बने हम नेक
महेंद्र कोठारी
