हरियाणा में यहां बनेंगे नए Industrial Hub ! कई जिलों में हजारों एकड़ पर होगा विकास

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हरियाणा में यहां बनेंगे नए Industrial Hub ! कई जिलों में हजारों एकड़ पर होगा विकास 

Udaipur Times, Haryana Industrial Hub : हरियाणा में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने दो बड़े औद्योगिक हब विकसित करने की योजना बनाई है। इनमें एक हिसार में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि दूसरा फरीदाबाद-पलवल क्षेत्र में स्थापित करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुसार, इन परियोजनाओं का उद्देश्य हरियाणा को देश के प्रमुख विनिर्माण और निवेश केंद्रों में शामिल करना है। 

फरीदाबाद-पलवल क्षेत्र में रेलवे एक्सप्रेसवे और प्रमुख परिवहन मार्गों के नजदीक करीब 2,500 एकड़ भूमि पर नया औद्योगिक हब विकसित करने की योजना है। बेहतर सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी का लाभ इन औद्योगिक क्षेत्रों को मिलने की उम्मीद है। इससे बड़े उद्योगों के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए भी निवेश और कारोबार के नए अवसर तैयार हो सकते हैं।

हिसार में बनने जा रहा है इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर

हिसार को औद्योगिक गतिविधियों का नया केंद्र बनाने के लिए यहां इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य विभिन्न विनिर्माण गतिविधियों को एक ही औद्योगिक इकोसिस्टम के तहत बढ़ावा देना है। इससे उद्योगों को जरूरी बुनियादी सुविधाएं और बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। सरकार की योजना सफल होती है तो हिसार क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। साथ ही सप्लायर, सर्विस प्रोवाइडर और छोटे कारोबारों को भी बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों के आसपास काम करने के अवसर मिलने की संभावना है।

फरीदाबाद-पलवल में 2,500 एकड़ में नया हब

फरीदाबाद-पलवल क्षेत्र में करीब 2,500 एकड़ जमीन पर औद्योगिक हब विकसित करने की योजना बनाई गई है। यह क्षेत्र रेलवे एक्सप्रेसवे और प्रमुख परिवहन मार्गों के नजदीक होने के कारण लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सड़क और रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से कंपनियों को कच्चा माल मंगाने और तैयार उत्पादों को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने में सुविधा मिल सकती है। सरकार को उम्मीद है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह क्षेत्र नए निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य

हरियाणा सरकार ने नई औद्योगिक नीति के माध्यम से करीब 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। सरकार का मानना है कि प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं के जरिए राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। नए निवेश से विनिर्माण क्षमता बढ़ने के साथ राज्य के निर्यात और सप्लाई चेन नेटवर्क को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा नए उद्योग आने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे औद्योगिक विकास को कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रखने के बजाय दूसरे इलाकों में भी फैलाने में मदद मिल सकती है।

IIT और उद्योगों के साथ मिलकर तैयार होंगे कुशल युवा

औद्योगिक हब विकसित करने के साथ सरकार का फोकस कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी है। इसके लिए सरकार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) और औद्योगिक संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करने की योजना बना रही है।इसके तहत युवाओं को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं को नए उद्योगों में रोजगार पाने के लिए आवश्यक तकनीकी और व्यावसायिक कौशल मिल सकता है। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ने के साथ औद्योगिक इकाइयों की उत्पादकता में भी सुधार होगा।

उद्योगों के लिए जमीन और मंजूरी की प्रक्रिया होगी आसान

राज्य सरकार ने निवेशकों और उद्योगपतियों को भूमि, बिजली, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक स्वीकृतियों से जुड़ी सुविधाओं को सरल और पारदर्शी बनाने का भरोसा दिया है। उद्योग स्थापित करने के दौरान कंपनियों को विभिन्न विभागों से मिलने वाली मंजूरियों में आसानी हो, इसके लिए प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।सरकार की कोशिश है कि निवेशकों को उद्योग लगाने के लिए अनुकूल माहौल मिले और परियोजनाओं को जमीन पर उतारने में अनावश्यक देरी न हो। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सरल प्रशासनिक प्रक्रिया के साथ नए औद्योगिक हब हरियाणा की निवेश क्षमता को और मजबूत कर सकते हैं।

रोजगार और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी रफ्तार

हिसार और फरीदाबाद-पलवल में प्रस्तावित औद्योगिक हब केवल नए उद्योग लगाने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि इनके आसपास परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सर्विस सेक्टर और छोटे कारोबारों के विकास की भी संभावनाएं बन सकती हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। 

अगर इन परियोजनाओं को तय योजना के अनुसार लागू किया जाता है तो हरियाणा में निजी निवेश, विनिर्माण, निर्यात और रोजगार को नई गति मिल सकती है। साथ ही राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने से संतुलित क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
 

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