दिल्ली से यूपी बिछेगी नई रेल लाइन ! रोजगार के खुलेंगे नए अवसर, जाने पूरा मास्टर प्लान ?
Udaipur Times, Delhi-Saharanpur rail line to be doubled : पश्चिमी यूपी के लोगों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है दिल्ली-सहारनपुर रेल लाइन (बागपत और शामली होते हुए) को डबल किया जा रहा है। रेलवे विभाग ने इस प्रोजेक्ट पर काम तेज़ी से शुरू कर दिया है। इस बड़े प्लान को पूरा करने के लिए, नॉर्दर्न रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन) ने बागपत के अधिकारियों के साथ विस्तार से बातचीत की।
डबलिंग प्रोजेक्ट में दिल्ली से शामली तक 85.27 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। इससे लाखों यात्रियों को फ़ायदा होगा और रेलवे नेटवर्क मज़बूत होने और औद्योगिक विकास तेज़ होने से युवाओं के लिए रोज़गार के नए मौके खुलेंगे।
मुख्य बातें:
दिल्ली से शामली तक 85.27 किलोमीटर लाइन की डबलिंग
11.54 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण
लाइन को 130 किमी/घंटा की स्पीड क्षमता के लिए डिज़ाइन किया गया है
दिल्ली-सहारनपुर रेल लाइन (बागपत और शामली होते हुए) पश्चिमी यूपी के लिए जीवन रेखा का काम करती है। अभी यह सिंगल लाइन है और लंबे समय से इसे डबल करने की मांग हो रही थी। अब, पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार के तहत रेलवे विभाग इस विजन को पूरा करने जा रहा है।
डिप्टी चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन), नॉर्दर्न रेलवे (शिवाजी ब्रिज, दिल्ली) ने डबलिंग प्रोजेक्ट के बारे में ज़िला मजिस्ट्रेट (DM) को पत्र लिखा है। इसके अलावा, मंगलवार को उन्होंने बागपत के अधिकारियों के साथ ज़ूम मीटिंग की—जिसमें SDM, असिस्टेंट कमिश्नर (उद्योग) और पावर कॉर्पोरेशन, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD), वन विभाग, विकास प्राधिकरण (टाउन प्लानर) और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि शामिल थे ताकि प्रस्ताव की जानकारी दी जा सके।
जमीन अधिग्रहण और यात्रियों की संख्या पर चर्चा
डिप्टी चीफ इंजीनियर और उनकी टीम ने फ़ाइनल सर्वे, ट्रैफ़िक का आकलन और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के बारे में सुझाव और ज़रूरी डेटा मांगा। मौजूदा उद्योगों की संख्या, औद्योगिक विकास की संभावना और प्रस्तावित औद्योगिक कॉरिडोर की रेल लाइन से दूरी जैसे कारकों पर जानकारी मांगी गई।
खाद के ट्रांसपोर्ट के लिए रेलवे साइडिंग (रेक) बनाने की संभावना और सड़क यातायात की कितनी मात्रा को रेल में बदला जा सकता है, इस बारे में भी जानकारी मांगी गई। ज़मीन अधिग्रहण और यात्रियों की संख्या के साथ-साथ उन जगहों की पहचान करने पर भी चर्चा हुई जहाँ बिजली, पानी और टेलीकम्युनिकेशन जैसी यूटिलिटी लाइनों को ज़मीन के नीचे बिछाने की ज़रूरत होगी।
यह जानकारी मिलने के बाद, रेलवे विभाग ट्रैक को डबल करने के बाद मालगाड़ियों, यात्री ट्रेनों और सुपरफास्ट ट्रेनों की क्षमता तय करने के लिए एक ब्लूप्रिंट तैयार करेगा और नए रेलवे स्टेशनों की ज़रूरत का आकलन करेगा।
बागपत के असिस्टेंट कमिश्नर (उद्योग) विशाल त्यागी, जिन्होंने रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर के साथ ज़ूम मीटिंग में हिस्सा लिया था, ने बताया कि दिल्ली से शामली तक की 85.27 किलोमीटर लंबी रेल लाइन को डबल किया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट के लिए 11.54 हेक्टेयर ज़मीन के अधिग्रहण की ज़रूरत है, जिसमें से 8.49 हेक्टेयर ज़मीन बागपत ज़िले में अधिग्रहित की जाएगी।
119 साल पुरानी रेल यात्रा
बागपत और शामली से होकर गुज़रने वाला सहारनपुर रेल रूट 119 साल पुराना है। इसकी शुरुआत ब्रिटिश शासन के दौरान 1907 में शाहदरा-सहारनपुर लाइट रेलवे के तौर पर हुई थी। शुरू में यह नैरो-गेज लाइन थी, जिसे 1970 में बंद कर दिया गया था, लेकिन बाद में ब्रॉड-गेज में बदलने के बाद इसे फिर से खोल दिया गया।
सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के बाद मज़बूत होगा रेलवे नेटवर्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकारों के तहत, बागपत में सड़कों और हाईवे का एक बड़ा नेटवर्क विकसित किया गया है। प्रमुख प्रोजेक्ट्स में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे, मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे शामिल हैं। जहाँ बागपत में हर तीसरे गांव से होकर एक हाईवे गुज़रता है, वहीं अब रेलवे नेटवर्क को भी मज़बूत किया जाएगा।
रोज़गार और समृद्धि के नए रास्ते
साफ़ है कि इस रेल लाइन के डबल होने से बागपत और शामली समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों के लिए यात्रा बहुत आरामदायक हो जाएगी। इसके अलावा, इससे औद्योगिक विकास में तेज़ी आएगी, जिससे रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे।