हरियाणा में निजी कोचिंग संस्थानों को लेकर नए नियम लागू ! उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
Udaipur Times, Haryana News, रोहतक : उपायुक्त सतबीर सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा राज्य में उच्चतर अध्ययन, सरकारी एवं निजी नौकरियों तथा व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले निजी कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हरियाणा निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण और विनियमन अधिनियम 2024 तथा इसके तहत नियम 2026 लागू कर दिए गए हैं।
सतबीर सिंह ने बताया कि इन प्रावधानों के तहत सभी नए एवं पूर्व-स्थापित निजी कोचिंग संस्थानों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। संस्थानों को निर्धारित पोर्टल के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के साथ 10 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क जमा करवाकर जिला प्राधिकरण के समक्ष प्रारूप-1 में आवेदन करना होगा। पंजीकरण प्रमाण-पत्र की वैधता तीन वर्ष की होगी। जिला में संचालित सभी कोचिंग सेंटर्स संचालक / मालिक अपने कोचिंग सेंटर के बारे में कोचिंग सेंटर का नाम, पता, मोबाइल नंबर एवं ईमेल आईडी सहित ईमेल आईडी dheorohtak@gmail.com पर सूचना भिजवायें।
उपायुक्त सतबीर सिंह ने बताया कि पंजीकरण प्रमाण-पत्र की अवधि समाप्त होने से एक माह पूर्व 5,000 रुपये शुल्क के साथ नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा। नवीनीकरण के बाद प्रमाण-पत्र की वैधता एक वर्ष होगी। उन्होंने बताया कि कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के तनाव एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक संस्थान में कम से कम एक पूर्णकालिक परामर्शदाता (कंसल्टेंट) रखना अनिवार्य किया गया है। इससे विद्यार्थियों को शैक्षणिक दबाव एवं तनाव की स्थिति में आवश्यक परामर्श और सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
सतबीर सिंह ने बताया कि कोचिंग संस्थानों द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों के चयन से संबंधित झूठे आंकड़े, गलत दावे अथवा भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करना प्रतिबंधित किया गया है। संस्थानों को अपनी उपलब्धियों और परिणामों के संबंध में पारदर्शिता बरतनी होगी। नियमों के अनुसार स्कूल अथवा अन्य शिक्षण संस्थान में नियमित रूप से अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए कोचिंग कक्षाएं संबंधित स्कूल/संस्थान के कार्य समय या नियमित अध्ययन अवधि के दौरान संचालित नहीं की जाएंगी।
उपायुक्त सतबीर सिंह ने बताया कि निजी कोचिंग संस्थानों के भवनों में आवश्यक अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र, संरचना स्थिरता (स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी) प्रमाण-पत्र, दिव्यांगजनों के लिए बाधा-मुक्त पहुंच, स्वच्छ पेयजल, पृथक शौचालय तथा प्राथमिक उपचार (फर्स्ट ऐड) की व्यवस्था होना अनिवार्य है। इसके साथ ही संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का पुलिस सत्यापन करवाना भी आवश्यक होगा। अधिनियम अथवा नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर पहली बार 25 हजार रुपये तथा इसके बाद होने वाले उल्लंघनों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। उल्लंघन लगातार जारी रहने की स्थिति में संबंधित कोचिंग संस्थान का पंजीकरण भी रद्द किया जा सकता है।
सतबीर सिंह ने जिला में संचालित सभी निजी कोचिंग संस्थानों से आह्वान किया कि वे निर्धारित नियमों एवं मानकों का पालन करते हुए समयबद्ध रूप से अपना पंजीकरण करवाएं। इन प्रावधानों का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कोचिंग वातावरण उपलब्ध करवाना है। जिलावार पंजीकरण प्रक्रिया, दिशा-निर्देशों एवं संबंधित पोर्टल की विस्तृत जानकारी के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट अथवा संबंधित जिला उपायुक्त कार्यालय (जिला प्राधिकरण) से संपर्क किया जा सकता है।