हरियाणा में यहां बसाए जाएंगे नए सेक्टर ! सरकार ने मांगी रिपोर्ट, लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा
Udaipur Times, Haryana News : स्मार्ट सिटी फरीदाबाद के शहरी विस्तार को लेकर एक बड़ी योजना पर चर्चा शुरू हो गई है। अगर यह योजना सिरे चढ़ती है तो आने वाले समय में यमुना नदी के किनारे नए सेक्टर विकसित किए जा सकते हैं। इन क्षेत्रों में आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के साथ ऊंची इमारतों के निर्माण की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। इस तरह यमुना किनारे का क्षेत्र भविष्य में फरीदाबाद के नए शहरी इलाकों के रूप में विकसित हो सकता है। इस संबंध में बुधवार को सेक्टर-12 में शहरी विकास प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में 14वीं अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक हुई। बैठक में मंडलायुक्त संजय जून समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों को यमुना से सटे क्षेत्रों में शहरी विस्तार की संभावनाओं और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
यमुना किनारे नए सेक्टर बसाने की संभावना
बैठक में यमुना से सटे फरीदाबाद के क्षेत्रों में भविष्य के शहरी विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को संबंधित इलाकों की जमीन, बुनियादी सुविधाओं और विकास की संभावनाओं का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। सरकार की योजना आगे बढ़ती है तो यमुना किनारे नए सेक्टर विकसित किए जा सकते हैं। इन क्षेत्रों में आधुनिक आवासीय और व्यावसायिक विकास की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। नोएडा में यमुना और एक्सप्रेसवे के आसपास हुए शहरी विस्तार की तरह फरीदाबाद में भी आने वाले समय में बड़े विकास की संभावनाएं देखी जा रही हैं। हालांकि, फिलहाल इसे योजना के स्तर पर देखा जा रहा है और अंतिम विकास से पहले जमीन, बाढ़ सुरक्षा, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे समेत कई पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा।
बाढ़ से बचाव के लिए भी बनेगी रणनीति
यमुना किनारे किसी भी तरह के शहरी विस्तार से पहले बाढ़ सुरक्षा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था, संभावित बांध और उससे जुड़े कार्यों की जानकारी तैयार करने को कहा गया। अधिकारियों को संबंधित क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति और भविष्य की संभावनाओं की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि यमुना से सटे क्षेत्रों में भविष्य में शहरी विकास के लिए किस तरह की जमीन और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं।
जमीन और विकास परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा
14वीं अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक में सिर्फ यमुना किनारे के विकास पर ही चर्चा नहीं हुई। इस दौरान चल रही विकास परियोजनाओं, जमीन प्रबंधन और बजट से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर शहर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को लंबित योजनाओं की स्थिति की जानकारी लेने और जरूरी कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के आसपास बढ़ेगी हरियाली
बैठक में फरीदाबाद में हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण कम करने से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के दोनों ओर करीब 17 से 18 किलोमीटर क्षेत्र में हरित पट्टी विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब रु 26 करोड़ बताई गई है। योजना को दो हिस्सों में लागू किया जा रहा है। इनमें से करीब 5.25 किलोमीटर क्षेत्र में पौधरोपण का काम चल रहा है। इस हरित पट्टी का उद्देश्य एक्सप्रेसवे के आसपास हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण को बेहतर करना और प्रदूषण नियंत्रण में मदद करना है।
प्रदूषण रोकने के लिए सड़कों की सफाई पर जोर
फरीदाबाद में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सड़कों की सफाई व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में लागू होने वाले ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी GRAP को देखते हुए नगर क्षेत्र में रोड स्वीपिंग और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है। सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक के एक्शन प्लान में नियमित रोड स्वीपिंग, सड़कों की सफाई और बारिश के बाद सड़क किनारे जमा गाद हटाने जैसे काम शामिल किए गए हैं।
C&D वेस्ट पर भी रखी जाएगी नजर
निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे यानी C&D Waste को लेकर भी अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। कचरा रखने वाली साइटों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। निर्माण स्थलों पर धूल से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हरी जाली, हवा रोकने वाले अवरोधक और प्रदूषण मापने वाले सेंसर जैसी व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।इसके अलावा नगर निगम क्षेत्र में कचरा जमा करने के लिए पांच सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर चिन्हित किए गए हैं। इससे शहर में कचरे के प्रबंधन और नियमित उठान व्यवस्था को बेहतर करने की कोशिश की जाएगी।
इलेक्ट्रिक बसों से मजबूत होगा सार्वजनिक परिवहन
फरीदाबाद में प्रदूषण कम करने की योजना के तहत सार्वजनिक परिवहन को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। बैठक में इलेक्ट्रिक बस सेवा की तैयारियों की समीक्षा की गई।अधिकारियों के अनुसार बस सेवा से संबंधित कन्सेशन समझौते पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं और बसों के परीक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और प्रदूषण कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भविष्य में बदल सकता है यमुना किनारे का स्वरूप
फरीदाबाद में यमुना किनारे नए सेक्टर विकसित करने की संभावनाओं पर रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही आगे की तस्वीर साफ होगी। जमीन की उपलब्धता, बाढ़ सुरक्षा, पर्यावरण और सड़क-पानी-सीवर जैसी सुविधाओं का आकलन इस प्रक्रिया में अहम होगा। अगर प्रस्तावित शहरी विस्तार को मंजूरी मिलती है और योजनाएं जमीन पर उतरती हैं, तो आने वाले वर्षों में यमुना किनारे फरीदाबाद का नया शहरी क्षेत्र विकसित हो सकता है। इससे शहर का विस्तार बढ़ने के साथ आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलने की संभावना है।