सोलर पैनल की नई टेक्नोलॉजी से होगी बिजली की बारिश ! बिना ज्यादा वॉटेज के मिलेगा 20% ज्यादा आउटपुट

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सोलर पैनल की नई टेक्नोलॉजी से होगी बिजली की बारिश ! बिना ज्यादा वॉटेज के मिलेगा 20% ज्यादा आउटपुट 

Udaipur Times, Reflect10 Solar Panel : सोलर एनर्जी के क्षेत्र में एक नई तकनीक सामने आई है, जो भविष्य में बिजली उत्पादन का तरीका बदल सकती है। कनाडा की स्टार्टअप कंपनी Reflect10 ने एक नई फोटोवोल्टिक (PV) मॉड्यूल आर्किटेक्चर विकसित की है, जिससे सोलर पैनल बिना वॉटेज बढ़ाए भी अधिक बिजली पैदा कर सकेंगे।

कंपनी के अनुसार, इस तकनीक में सोलर पैनल के भीतर ही विशेष लाइट-रिफ्लेक्टिंग ज्योमेट्री जोड़ी गई है। यह आने वाली सूर्य की रोशनी को कई बार परावर्तित करती है, जिससे अधिक फोटॉन सोलर सेल तक पहुंचते हैं और बिजली उत्पादन बढ़ जाता है।

बिना वॉटेज बढ़ाए 20% ज्यादा बिजली

Reflect10 का दावा है कि इस नई तकनीक से सामान्य सोलर पैनलों की तुलना में रोजाना औसतन 20% अधिक बिजली पैदा की जा सकती है। सुबह और शाम, जब सूरज की रोशनी कम कोण पर पड़ती है, तब यह तकनीक 2.66 गुना तक अधिक बिजली उत्पादन करने में सक्षम हो सकती है।

बादलों में भी बेहतर प्रदर्शन

नई तकनीक केवल तेज धूप में ही नहीं, बल्कि बादल छाए रहने या कम रोशनी की स्थिति में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। इसका कारण यह है कि पैनल अधिक से अधिक रोशनी को सेल तक पहुंचाने में सक्षम होते हैं।

क्या है खास?

कोई भी आम सोलर पैनल धूप आने पर उसे एक बार में सीधा सोख लेता है। वहीं रिफ्लेक्ट 10 ने सोलर पैनल के अंदर ही ऐसा डिजाइन बनाया है, जिससे पैनल पर आने वाली धूप खास डिजाइन की वजह से कई बार टकराकर रिफ्लेक्ट होती है अब तक इस तरह की तकनीक के लिए बाहरी शीशों (मिरर) या मोटर सिस्टम की जरूरत पड़ती थी, जिससे लागत बढ़ जाती थी। Reflect10 ने इस व्यवस्था को सीधे पैनल के डिजाइन में शामिल कर दिया है, जिससे अतिरिक्त उपकरणों की जरूरत नहीं पड़ती।

कैसे बढ़ेगा फायदा?

उदाहरण के तौर पर, 500 वॉट का सोलर पैनल पहले की तरह 500 वॉट का ही रहेगा, लेकिन नई तकनीक की मदद से वह दिन के अधिक समय तक अपनी अधिकतम क्षमता के करीब बिजली पैदा कर सकेगा। इससे कुल बिजली उत्पादन (kWh) बढ़ जाएगा।

शुरुआती परीक्षण में मिले अच्छे नतीजे

कंपनी ने कनाडा और मोरक्को में इस तकनीक का शुरुआती परीक्षण किया है। इसके अलावा फ्रांस के Île-de-France Photovoltaic Institute (IPVF) ने भी स्वतंत्र वैज्ञानिक समीक्षा में इस तकनीक की संभावनाओं को सकारात्मक बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सुबह और शाम के समय बिजली उत्पादन बढ़ेगा, जिससे बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सकेगा।

फिलहाल पेटेंट पर काम

Reflect10 फिलहाल इस तकनीक के लिए अंतरराष्ट्रीय पेटेंट प्रक्रिया पूरी कर रही है। कंपनी खुद सोलर पैनल नहीं बनाएगी, बल्कि दुनिया भर के सोलर मॉड्यूल निर्माताओं को अपनी तकनीक का लाइसेंस देने की योजना बना रही है।

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