नई तकनीकी तथा ट्रेनिंग के तरीकों आदि को नई दिशा मिली – डॉ. प्रशांत अग्रवाल

सोरायसिस इंटरनेशनल कांफ्रेंस के ओर्गनइजिंग सेक्रेटरी डॉ प्रशांत अग्रवाल ने कहा की भारत सहित कई देशों में उपचार की नई चुनौतियों, नई तकनीकी तथा ट्रेनिंग के तरीकों आदि को नई दिशा मिली है। अब समय आ गया है कि वैश्विक स्तर पर सोरियासिस के खिलाफ साफ चिकित्सा मोर्चा लिया जाए। इस कॉन्फ्रेंस से प्रतिभागियों के माइंडसेट और ट्रीटमेंट एटीट्यूड में जबर्दस्त बदलाव आएगा व नई ऊर्जा के साथ उपचार के सस्ते, सुलभ, देशज तरीकों की तरफ हम अग्रसर होंगे ताकि सबको स्वस्थ रखने का हमारा ध्येय हासिल कर सकें।

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नई तकनीकी तथा ट्रेनिंग के तरीकों आदि को नई दिशा मिली – डॉ. प्रशांत अग्रवाल

सोरायसिस इंटरनेशनल कांफ्रेंस के ओर्गनइजिंग सेक्रेटरी डॉ प्रशांत अग्रवाल ने कहा की भारत सहित कई देशों में उपचार की नई चुनौतियों, नई तकनीकी तथा ट्रेनिंग के तरीकों आदि को नई दिशा मिली है। अब समय आ गया है कि वैश्विक स्तर पर सोरियासिस के खिलाफ साफ चिकित्सा मोर्चा लिया जाए। इस कॉन्फ्रेंस से प्रतिभागियों के माइंडसेट और ट्रीटमेंट एटीट्यूड में जबर्दस्त बदलाव आएगा व नई ऊर्जा के साथ उपचार के सस्ते, सुलभ, देशज तरीकों की तरफ हम अग्रसर होंगे ताकि सबको स्वस्थ रखने का हमारा ध्येय हासिल कर सकें।

बायोलॉजिक्स के नए मॉलिक्यूल्स लाएंगे नई क्रांति – डॉ. अनिल गंजू, प्रेसिडेंट, सार्क-एडी, दिल्ली

मल्टी ऑर्गन डिसऑर्डर सोरायसिस का फिलहाल उपलब्ध चिकित्सा पद्धतियों के अनुसार जड़ से उपचार नहीं किया जा सकता है। हमारा खास मकसद यह विचार साझा करना है कि यह मरीजों के मानसिक संतुलन पर भी असर डालता है जिससे उनकी तकलीफ और परेशानी में इजाफा हो जाता है। बायोलॉजिक्स में उपलब्ध नए मॉलिक्यूल्स के इस्तेमाल की नई तकनीकी पर भी अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ चर्चा करेंगे, जो हमारे देश के डाक्टरों के लिए बहुत लाभकारी है।

सोरायसिस चैलेंजिंग बीमारी – डॉ. नीरज पांडे, सेक्रेटरी, सार्क-एडी लखनऊ

सोरायसिस चैलेंजिंग बीमारी है। इंजेक्टेबल बायोलॉजिक्स की पारम्परिक उपचार पद्धतियों को पीछे छोड़ अब इसमें ओरल बायोलॉजिक्स के माध्यम से नई क्रांति आ रही है। इसके रिसर्च भारत में भी एप्रुव्ड हो चुके हैं। मेरे विचार में अब भारत सरकार को बायोलॉजिक्स उपचार को भी इंश्योर्ड उपचार की सूची में शामिल कर लेना चाहिए। हो सकता है ऐसा करके हम हमेशा के लिए सोरायसिस को भारत से अलविदा कहने की स्थिति में आ जाएं।

शनिवार को पांच सत्रों में होगा मंथन :

डॉ. प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को पांच सत्रों में उपचार की ‘कोंबाइन अप्रोच’ पर चर्चा होगी। सोरायसिस अपने साथ शरीर में किन-किन बीमारियों को साथ लेकर आती है, उन पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा लाइफ स्टाइल, डाइट, न्यूट्रीशन, जटिल व दुलर्भ उपचार परस्थितियों-चुनौतियों पर भी विचार रखे जाएंगे।

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