दिल्ली-हरियाणा के बीच बनेगी नई अंडरग्राउंड मेट्रो ! सिर्फ 25 मिनट में पूरा होगा 5 स्टेशनों का सफर
Udaipur Times, Delhi to Gurugram Metro Corridor : दिल्ली और गुरुग्राम के बीच रोजाना यात्रा करने वाले लाखों लोगों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। दोनों शहरों को जोड़ने के लिए करीब 20 किलोमीटर लंबा नया अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) संशोधन के बाद सरकार की मंजूरी के लिए भेज दी गई है। मंजूरी मिलते ही निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
20 किलोमीटर लंबा होगा पूरा कॉरिडोर
प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर पूरी तरह भूमिगत (अंडरग्राउंड) होगा। इसकी अनुमानित लागत करीब 13,500 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस कॉरिडोर का उद्देश्य दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा को तेज, सुविधाजनक और ट्रैफिक जाम से मुक्त बनाना है।
सिर्फ 25 मिनट में पहुंचेगा गुरुग्राम
इस नई मेट्रो लाइन के शुरू होने के बाद यशोभूमि (द्वारका) से राजीव चौक (गुरुग्राम) तक का सफर केवल 25 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इससे सड़क पर वाहनों का दबाव कम होगा और रोजाना आने-जाने वाले लाखों यात्रियों का समय बचेगा।
इन 5 स्टेशनों से होकर गुजरेगी मेट्रो
इस नए कॉरिडोर में कुल 5 नए स्टेशन प्रस्तावित हैं-
यशोभूमि (एक्सटेंशन पॉइंट)
बिजवासन (दिल्ली)
कापसहेड़ा (दिल्ली)
सेक्टर-22 (गुरुग्राम)
IFFCO चौक (गुरुग्राम)
राजीव चौक (गुरुग्राम)
इन स्टेशनों के जरिए दिल्ली और गुरुग्राम के कई प्रमुख इलाकों को सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी।
दिल्ली मेट्रो फेज-5 का हिस्सा है परियोजना
यह परियोजना दिल्ली मेट्रो फेज-5 (बी) के तहत तैयार की जा रही है। इस चरण में दिल्ली-एनसीआर में 7 नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। इनकी कुल लंबाई लगभग 97 किलोमीटर होगी और करीब 65 नए मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे।
फेज-5 में प्रस्तावित अन्य मेट्रो कॉरिडोर
फेज-5 के तहत इन नए रूटों पर भी काम प्रस्तावित है-
धांसा बस स्टैंड – नांगलोई
सेंट्रल सेक्रेटेरिएट – किशनगढ़
समयपुर बादली – नरेला
कीर्ति नगर – पालम
जोर बाग – मीठापुर
शास्त्री पार्क – मयूर विहार फेज-3
केशवपुरम – रोहिणी सेक्टर-34
लाखों यात्रियों को मिलेगा फायदा
सरकार से मंजूरी मिलने और परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक मेट्रो सेवा मिलेगी। इससे सड़क पर ट्रैफिक जाम कम होगा और सार्वजनिक परिवहन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
