हरियाणा में नया पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय ! 28, 29 और 30 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट
Udaipur Times, Haryana Weather : हरियाणा में जुलाई के 26 दिनों के दौरान अब तक सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में प्रदेश में औसतन 126.3 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, जबकि इस बार केवल 95.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। प्रदेश के केवल सात जिलों में सामान्य या उससे अधिक बारिश हुई है, जबकि शेष जिलों में मानसून कमजोर बना हुआ है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि इस वर्ष मानसून का पैटर्न काफी बदला हुआ है। जहां पहले बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम बारिश हो रही है, वहीं सामान्यतः कम वर्षा वाले इलाकों में अधिक बारिश दर्ज की की जा रही है। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव के सिस्टम मानसून को मजबूत करते हैं लेकिन इस वर्ष ऐसे सिस्टम कम सक्रिय रहे हैं। इसी कारण हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर बना हुआ है।
डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 27 जुलाई की रात नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब क्षेत्र में चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से राजस्थान से गुजर रही मानसून ट्रफ हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर की ओर खिसक सकती है।
ऐसे में 27 जुलाई की रात से पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं 28 से 30 जुलाई के दौरान उत्तरी हरियाणा के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है। करनाल, पानीपत और सोनीपत में मूसलाधार बारिश के आसार हैं, जबकि रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, पलवल सहित अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
रविवार को रोहतक मंडल में मौसम का मिला-जुला असर रहा. झज्जर में दोपहर करीब दो बजे तेज बारिश हुई लेकिन इसके बाद धूप निकलने से उमस बढ़ गई. रोहतक, जींद और सोनीपत में दिनभर उमसभरी गर्मी से लोग परेशान रहे, जबकि नारनौल और रेवाड़ी में बादलों की आवाजाही के बीच बारिश नहीं हुई. अधिकतम तापमान झज्जर में 36 डिग्री और सोनीपत, जींद, रेवाड़ी व नारनौल में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।
