हिजरी सम्वत् का नया साल 24 अक्टूबर शुक्रवार को
शिया दाउदी बोरा समाज के प्रवक्ता डा. बी. मूमिन से मिली जानकारी के अनुस

शिया दाउदी बोरा समाज के प्रवक्ता डा. बी. मूमिन से मिली जानकारी के अनुसार हिजरी सम्वत् का नया साल 24 अक्टूबर को होगा। 23 अक्टूबर गुरुवार को नव वर्ष की पूर्व संध्या पर नये साल का स्वागत पूर्णतया परम्परागत् एवं धार्मिक रीति रिवाज से होगा।
देर रात तक अकीदतमन्द अपने सगे सम्बन्धियों एवं मिलने जुलने वालों के घर जाकर परस्पर नये यसल की मुबारकबाद देंगें। अकीदतमन्द अपने रुहानी पैशवा 53वे दाई उल मुतलक आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन साहब को नये साल की तेहनियात एवं मुबारकबादी के पैगाम भेजेंगें।
डा. मूमिन ने बताया कि 24 अक्टूबर को ही नव वर्ष के उल्लास के साथ साथ सैयदी खान्जी फीर साहब का उर्स मनाया जायेगा। अकीदतमनद फूलो की चादर चढाकर अपने रुहानी पैशवा की उम्रदराजी व सेहतोआफियत की दुआ मांगेंगें।
25 अक्टूबर से 2 नवम्बर तक मजलूम-ए-कर्बला मौला इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों की याद में स्थानीय मोईयदपुरा मस्जिद में शैख युसुफ भाई , फतहपुरा स्थित बुरहानी मस्जिद में शैख मोइज भाई एवं सैयदी खान्जीफीर साहब स्थित लूकमानी मस्जिद में शैख युसुफ भाई उदयपुर वाला प्रातः 10 बजे से 1-30 बजे तक वायज फरमायेंगें। हर रोज मगरिब व इशा की नमाज के बाद मजलिस-ए- अजा -ए- हुसैन के आयोजन होंगें।
तत्पश्चात् हर रोज नियाज-ए-हुसैन के आयोजन भी होंगें। 2 नवम्बर को यौम-ए-आशूरा मनाया जायेगा। इस दिन समस्त अकीदतमन्द इमाम हुसैन एवं कर्बला के शहीदो की भूख व प्यास की याद में भूखे प्यासे रहकर सुबह मगरिब तक एक एक शहीदो का याद कर मातम मनायेंगें।
हर रोज अकीदतमन्द अपने रुहानी पैशवा 52 वे दाई-उल- मुतलक मुकद्दस हिज हॉलीनेस डा. सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन साहब की रुह मुबारक के सवाब के लिये एवं 53वे दाई-उल-मुतलक सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन साहब की की उम्रदराजी व सेहतोआफियत की एवं मुल्क में अमन चैन व खुशहाली की दुआ मांगेंगें।
व्यापारिक प्रतिष्ठान बन्द रहेंगें –
डा. मूमिन ने बताया कि 25 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक शिया दाउदी बोहरा समाज के अकीदतमन्दों के समस्त व्यापारिक प्रतिष्ठान मोहर्रम के अवसर पर सायंकाल 2 बजे तक एवं 2 नवम्बर को पूरे दिन बन्द रहेंगें। स्कूल एवं कॉलेज जाने वाले एवं सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयो में कार्य करने वाले अधिकारी एवं कार्मिक 2 नवम्बर तक अवकाश पर रहेंगें।
