चांद के दीदार के साथ हुआ नए साल का आगाज
गुरूवार शाम को चांद के दीदार होते हुए मुस्लिम समाज के लोगों ने एक दूस

गुरूवार शाम को चांद के दीदार होते हुए मुस्लिम समाज के लोगों ने एक दूसरे से मिलकर नए साल की मुबारकबाद दी, कईयों ने फोन पर बात करके नए साल की बधाईयां दी तो कइयों ने अपनों को एसएमएस करके नए साल की मुबारक बाद दी।
मुर्हरम का यह महीना इस्लामी साल का पहला महीना होता है, जिसमें मुस्लिम समाज के लोग पैगम्बर ए इस्लाम के नवासे हजरत इमाम हुसैन की याद में मानते है। जिसके चलते इस महीने की 1 तारीख से 10 तक रोजाना बाद नमाज ईशा के इमाम हुसैन की याद में महफिलें सजाई जाती है, जिसमें 80 फीट रोड सज्जन नगर स्थित मस्जिद, मल्लातलाई स्थित बड़ी मस्जिद, फारूख आजम नगर स्थित मस्जिद, महावतवाडी स्थित मस्जिद सहित शहर की कई मस्जिदों में यादे इमाम हुसैन में महफिलें पढ़ाई जाती है व शहादतें इमाम हुसैन का बयान किया जाता है और इसी क्रम में धोली बावड़ी स्थित हुसैनी चौक में मुर्हरम की 7 व 8 तारीख को शहीदे आजम कांफेंस का आयोजन किया जाता है जिसमें शहर भर के मुस्लिम समाज के लोग इकठ्ठा होते हैं।
9 तारीख को जश्ने सय्यदुश्शोहदा व 10 वें दिन सुबह सिलावटवाडी स्थित बीच की मस्जिद में यौमे आशुराह मनाया जाता है।
नए साल के साथ सदस्यता अभियान शुरू
द बरैलवी सुन्नी मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के मोहसिन खान ने बताया कि मुस्लिम समाज के लोगों को इसमें मैम्बर बनाकर उन्हीं मेम्बरान की राय को जानकर मुस्लिम समाज के हितों में काम करेगी। जिससे मुस्लिम समाज के लोग हर क्षेत्र में तरक्की कर सकें।
