नवजात के पेट से 350 ग्राम वजनी गांठ निकाली

गीतांजली मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल के बाल एवं शिशु सर्जन डाॅ अतुल मिश्रा ने 5.5 किलोग्राम वजनी 4 महीने के नवजात के पेट से 350 ग्राम वजनी गांठ को सर्जरी द्वारा बाहर निकाल शिशु को स्वस्थ किया। सोनोग्राफी की जांच में पेट के ऊपरी हिस्से में गांठ होने का पता चला।

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नवजात के पेट से 350 ग्राम वजनी गांठ निकाली

गीतांजली मेडिकल काॅलेज एवं हाॅस्पिटल के बाल एवं शिशु सर्जन डाॅ अतुल मिश्रा ने 5.5 किलोग्राम वजनी 4 महीने के नवजात के पेट से 350 ग्राम वजनी गांठ को सर्जरी द्वारा बाहर निकाल शिशु को स्वस्थ किया। सोनोग्राफी की जांच में पेट के ऊपरी हिस्से में गांठ होने का पता चला।

लगभग साढ़े तीन घंटें चले आॅपरेशन में नवजात के पेट से 350 ग्राम वजनी गांठ निकाली गई। इस गांठ को टेराटोमा ट्यूमर कहते है। यह गांठ 15×20 सेंटीमीटर जितनी बड़ी थी। टेराटोमा ट्यूमर एक दुर्लभ ट्यूमर होता है। शिशुओं और बच्चों में यह ट्यूमर 1 प्रतिशत से भी कम में पाया जाता है। विश्व साहित्य के अनुसार अब तक टेराटोमा ट्यूमर के केवल 20 मामले ही सामने आए है। और इतनी छोटी उम्र के नवजात में इस ट्यूमर का यह पहला मामला है। नवजात अब पूरी तरह से स्वस्थ है। इस गांठ के निकाले जाने पर दुबारा होने की संभावना नगन्य है। डाॅ मिश्रा के साथ निश्चेतना विभाग की डाॅ सुनंदा गुप्ता, डाॅ ललिता एवं स्टाफ में कामना, महेंद्र, सरिता व फिरोज ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सुमेरपुर निवासी, विवेक (उम्र 4 महीने) पेट फूलना, दूध न पीना एवं उल्टी की शिकायत से पीड़ित था। परिजन उसे गीतांजली हाॅस्पिटल में परामर्श के लिए लेकर आए थे।

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