उदयपुर बार एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने ली शपथ
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने न्याय दिलाने में वकीलों की भूमिका पर जोर दिया और उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच के समर्थन की घोषणा की
उदयपुर , 3 जनवरी 2026 - बार एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह शनिवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कानून व्यवस्था समाज में एक पुल की तरह कार्य करती है, जो अतीत को वर्तमान से जोड़ती है।
उन्होंने कहा कि प्राचीन काल से ही न्याय व्यवस्था का उल्लेख मिलता है। देवनानी ने कहा कि देश की आजादी में वकीलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. भीमराव आंबेडकर और मदनमोहन मालवीय जैसे नेताओं ने अपनी वकालत के माध्यम से देशहित में कार्य किया। उन्होंने वकीलों से आह्वान किया कि वे गरीब और जरूरतमंद लोगों को शीघ्र न्याय दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम में नव निर्वाचित बार एसोसिएशन अध्यक्ष जितेंद्र जैन को पूर्व अध्यक्ष चंद्रभान सिंह शतकावत ने शपथ दिलाई। इसके बाद अध्यक्ष जैन ने उपाध्यक्ष महेंद्र मेनारिया, महासचिव लोकेश गुर्जर, सचिव आशीष कोठारी, वित्त सचिव धर्मेंद्र सोनी और पुस्तकालय सचिव विनोद औदिच्य को शपथ दिलाई। देवनानी ने उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि इस विषय को मुख्यमंत्री और कानून मंत्री तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट बेंच के लिए बार एसोसिएशन को लगातार प्रयास करने होंगे और जनप्रतिनिधि इसमें सहयोग की भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि उदयपुर सहित देशभर की अदालतों में लाखों मामले लंबित हैं। ऐसे में वकीलों को चाहिए कि वे गरीब और जरूरतमंद लोगों को जल्द न्याय दिलाने के लिए आगे आएं। देवनानी ने कहा कि उनका उदयपुर से पुराना जुड़ाव रहा है और यहां से कई विधानसभा अध्यक्ष निकले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं भी यहीं से आगे बढ़े हैं।
कार्यक्रम में राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य रामचंद्र झाला ने कहा कि बार और बेंच के बीच सौहार्द बना रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने नए वकीलों से अपील की कि वे केवल कोर्ट आने-जाने तक सीमित न रहें, बल्कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं से अधिक से अधिक सीखें।

शहर विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि सरकार के पास फंड की कोई कमी नहीं है। यदि पार्किंग या अन्य किसी प्रकार का मामला लंबित है तो उसे उनके संज्ञान में लाया जाए, समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि बलीचा में प्रस्तावित नई कोर्ट तक पहुंचने में फिलहाल असुविधा हो सकती है, लेकिन आने वाले 8 से 10 वर्षों में वही स्थान बेहतर साबित होगा।

उन्होंने बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से बलीचा में बनने वाली कोर्ट की शिफ्टिंग को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। कार्यक्रम में उदयपुर के जिला एवं सेशन न्यायाधीश ज्ञान प्रकाश गुप्ता और जोधपुर हाईकोर्ट के अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण खंडेलवाल भी मौजूद रहे।
To join us on Facebook Click Here and Subscribe to UdaipurTimes Broadcast channels on GoogleNews | Telegram | Signal
