अमेरिका की सरकारी नौकरी छोड़ क्रैक किया UPSC एग्जाम, पहले प्रयास में IPS बनी निहारिका भट्ट
Udaipur Times, New Delhi : अमेरिका की सरकारी नौकरी, डॉलर में सैलरी और एक शानदार करियर... ज्यादातर लोग शायद ऐसी जिंदगी छोड़ने के बारे में सोच भी नहीं सकते। लेकिन IPS निहारिका भट्ट ने अपने लिए एक अलग रास्ता चुना। उन्होंने अमेरिका की नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया और देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।
खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के पहले ही प्रयास में UPSC क्रैक कर लिया और ऑल इंडिया स्तर पर 146वीं रैंक हासिल की। आज AGMUT कैडर की 2015 बैच की IPS अधिकारी निहारिका भट्ट दिल्ली पुलिस में DCP नॉर्थ की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। हाल ही में दुकानदारों को निशाना बनाने वाले एक शातिर साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा करने के बाद वह चर्चा में हैं।

उत्तर प्रदेश से अमेरिका और फिर दिल्ली तक का सफर
निहारिका भट्ट मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं। उनका जन्म 30 जनवरी 1988 को हुआ। उनके पिता डॉक्टर हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी में इंटीग्रेटेड B.Tech और M.Tech की पढ़ाई की। इसके बाद उच्च शिक्षा और करियर के लिए वह अमेरिका पहुंचीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने मिशिगन यूनिवर्सिटी से M.Tech की पढ़ाई पूरी की।पढ़ाई के बाद उन्हें अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) में काम करने का अवसर मिला।
अमेरिका में नैनो पार्टिकल्स पर किया रिसर्च
अमेरिका में नौकरी के दौरान निहारिका भट्ट ने मानव शरीर पर नैनो पार्टिकल्स के प्रभाव से जुड़े विषय पर करीब डेढ़ साल तक रिसर्च की। इस दौरान उन्हें चीन जाने का भी मौका मिला। वहां उन्होंने सरकारी मशीनरी और प्रशासन के कामकाज को करीब से देखा। इसी अनुभव ने उनके मन में एक नया सवाल पैदा किया—अगर सरकारी व्यवस्था के जरिए लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने का मौका मिले तो? यहीं से उनके भीतर सिविल सेवा में जाने का विचार मजबूत हुआ।

डॉलर की नौकरी छोड़ी और भारत लौट आईं
अमेरिका में एक सुरक्षित सरकारी नौकरी और बेहतर सैलरी होने के बावजूद निहारिका भट्ट ने भारत लौटने का फैसला किया। उन्होंने सिविल सेवक बनने का लक्ष्य तय किया और दिल्ली आकर UPSC की तैयारी शुरू कर दी।यह फैसला उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
उन्होंने बिना किसी कोचिंग के खुद तैयारी की और पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली।
146वीं रैंक के साथ बनीं IPS
साल 2014 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में निहारिका भट्ट ने ऑल इंडिया 146वीं रैंक हासिल की। इसके बाद उन्हें AGMUT कैडर आवंटित हुआ।बाद में वह भारतीय पुलिस सेवा में शामिल हुईं और विभिन्न जिम्मेदारियां संभालते हुए दिल्ली पुलिस तक पहुंचीं।आज वह दिल्ली के नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट में DCP के पद पर तैनात हैं।
अब साइबर ठगों के खिलाफ मोर्चा
IPS अधिकारी बनने के बाद निहारिका भट्ट की जिम्मेदारी सिर्फ कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है। डिजिटल दौर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध भी पुलिस के सामने बड़ी चुनौती हैं।
दिल्ली में एक ऐसे ही साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा किया गया, जिसमें दुकानदारों को निशाना बनाया जाता था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के काम करने के तरीके का भी खुलासा किया।
फर्जी UPI स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों को बनाता था शिकार
पुलिस के मुताबिक, आरोपी निखिल पहले किसी दुकान पर जाता था और छोटी-मोटी चीजें खरीदता था। इसके बाद वह दुकानदार को UPI पेमेंट सफल होने का एक फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाता था। वह दुकानदार से कहता था कि अपने फोन में पेमेंट चेक कर लें। जब दुकानदार अपना पेमेंट ऐप खोलकर ट्रांजेक्शन चेक करता, तो उसमें भुगतान दिखाई नहीं देता था।
इसके बाद आरोपी दुकानदार के फोन से ट्रांजेक्शन चेक करने के बहाने फोन मांगता था।
फोन मिलते ही शुरू होता था असली खेल
पुलिस के अनुसार, आरोपी दुकानदार का फोन हाथ में आने के बाद उसमें पहले से अनलॉक किए गए ऐप का इस्तेमाल करता था। इसके जरिए वह कथित तौर पर 1 लाख से 2 लाख रुपये तक की रकम अपने खाते और दूसरे म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर कर देता था। यानी जिस फोन को दुकानदार सिर्फ पेमेंट चेक करने के लिए आरोपी को देता था, वही उसके लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाता था।
कुछ मामलों में दुकानदारों ने फोन देने से इनकार किया तो आरोपी ने कथित तौर पर अलग तरीकों से उन्हें ठगने की कोशिश की।
एक तरफ रिसर्च, दूसरी तरफ कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी
निहारिका भट्ट का करियर सफर कई मायनों में खास है। बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई से लेकर अमेरिका में वैज्ञानिक रिसर्च और FDA की नौकरी तक उन्होंने एक अलग क्षेत्र में करियर बनाया था।
लेकिन देश की प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनने की इच्छा ने उन्हें अपना रास्ता बदलने के लिए प्रेरित किया। अमेरिका की नौकरी छोड़कर भारत आना, बिना कोचिंग UPSC की तैयारी करना और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल करना उनके सफर को और खास बनाता है।आज वही निहारिका भट्ट दिल्ली पुलिस में अपराधियों के खिलाफ मोर्चा संभाल रही हैं और साइबर फ्रॉड जैसे आधुनिक अपराधों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
निहारिका भट्ट की कहानी क्यों है खास?
उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखती हैं।
बायोटेक्नोलॉजी में B.Tech और M.Tech की पढ़ाई की।
अमेरिका की मिशिगन यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की।
अमेरिका के FDA में नौकरी की।
मानव शरीर पर नैनो पार्टिकल्स के प्रभाव पर रिसर्च की।
सरकारी नौकरी और डॉलर की सैलरी छोड़कर भारत लौटीं।
बिना कोचिंग UPSC की तैयारी की।
पहले ही प्रयास में UPSC पास किया।
2014 की परीक्षा में 146वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की।
AGMUT कैडर की 2015 बैच की IPS अधिकारी बनीं।
वर्तमान में दिल्ली पुलिस में DCP नॉर्थ की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
साइबर फ्रॉड रैकेट के खिलाफ कार्रवाई में अहम भूमिका निभा रही हैं।
अमेरिका से भारत तक... बदला करियर, नहीं बदला लक्ष्य
निहारिका भट्ट की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो एक बार अच्छी नौकरी और बेहतर सैलरी हासिल करने के बाद जोखिम लेने से डरते हैं। उन्होंने साबित किया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो तो इंसान अपने स्थापित करियर को भी पीछे छोड़कर एक नई शुरुआत कर सकता है।डॉलर की नौकरी से UPSC तक और वैज्ञानिक रिसर्च से पुलिस सेवा तक का उनका सफर बताता है कि सही लक्ष्य के लिए लिया गया बड़ा फैसला जिंदगी की पूरी दिशा बदल सकता है।