100 एकड़ में बनने जा रहा है नीता अंबानी मुकेश अनंत आश्रय, बुजुर्गों, अनाथ बच्चों और दिव्यांग लोगों को मिलेगा स्थायी घर

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100 एकड़ में बनने जा रहा है नीता अंबानी मुकेश अनंत आश्रय, बुजुर्गों, अनाथ बच्चों और दिव्यांग लोगों को मिलेगा स्थायी घर 

Nita Mukesh Ambani Anant Ashray: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की परोपकारी शाखा, रिलायंस फाउंडेशन ने रविवार को 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' की स्थापना की घोषणा की। लगभग 100 एकड़ में फैला यह टाउनशिप अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए एक स्थायी घर का काम करेगा। रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने रविवार को मुंबई के पास कर्जत में इस प्रस्तावित परियोजना के लिए भूमि पूजन किया और आधारशिला रखी।

'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' क्या है?

इस प्रस्तावित टाउनशिप में आठ आवासीय गांव होंगे, जिनमें से प्रत्येक का नाम भारत की किसी पवित्र नदी के नाम पर रखा जाएगा। इसका उद्देश्य यहां रहने वालों को एक सुरक्षित वातावरण, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और एक स्वतंत्र व सार्थक जीवन जीने के अवसर प्रदान करना है।

यहां रहने वाले लोग छोटे घरों में रहेंगे, जहां उनकी देखभाल के लिए समर्पित केयरगिवर और 'हाउस पेरेंट्स' मौजूद होंगे। साथ ही, उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यक्तिगत जरूरतों के आधार पर उनके लिए अलग-अलग 'केयर प्लान' (देखभाल योजनाएं) भी तैयार किए जाएंगे।

एक ही जगह पर कई सुविधाएं मिलेंगी

इस परियोजना में एक ही जगह पर कई सुविधाएं मिलेंगी, जिनमें एक विशेष अस्पताल, पुनर्वास केंद्र (रिहैबिलिटेशन सेंटर), समावेशी स्कूल, खेल सुविधाएं, बगीचे और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा, यहां एक बेकरी, कैफे, क्राफ्ट स्टूडियो, जानवरों के साथ समय बिताने के लिए एक फार्म और हॉस्पिस विंग (गंभीर रूप से बीमार लोगों की देखभाल के लिए केंद्र) भी होगा।

यह पहल ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मिर्गी और अन्य विकासात्मक दिव्यांगताओं से जूझ रहे उन लोगों को भी सहायता प्रदान करेगी, जिन्हें नियमित चिकित्सा देखभाल और सहारे की आवश्यकता होती है।

आस-पास के गांवों के साथ मिलकर काम करना

यहां रहने वालों की सेवा करने के अलावा, यह प्रस्तावित केंद्र आस-पास के गांवों के साथ भी मिलकर काम करेगा। इस क्षेत्र के लगभग 1,000 लोगों को थेरेपी, शिक्षा और रोजगार के अवसरों से लाभ मिलने की उम्मीद है, जबकि अन्य लोग सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं और आउटरीच कार्यक्रमों का लाभ उठा सकेंगे। आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद, इस परियोजना को अलग-अलग चरणों में विकसित किया जाएगा। इसे एक 'नॉट-फॉर-प्रॉफिट' (गैर-लाभकारी) संस्थान के रूप में परिकल्पित किया गया है, जहां अलग-अलग उम्र और जरूरतों वाले लोग सम्मान, देखभाल और अपनापन महसूस करते हुए रह सकें।

नीता अंबानी ने क्या कहा?

नीता अंबानी ने कहा, "यह एक ऐसी जगह होगी जहां बच्चों को शिक्षा मिलेगी, वे सुरक्षित और प्यार भरे माहौल में बड़े होंगे, और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के अवसर मिलेंगे। यह एक ऐसी जगह भी होगी जहां बुजुर्गों को सम्मान और साथ मिलेगा, और उन्हें यह भरोसा होगा कि उनकी जरूरतों और इच्छाओं का पूरे प्यार के साथ ख्याल रखा जाएगा।" उन्होंने आगे कहा, "यह घर प्रकृति, पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं से घिरा होगा, जहां परिवार जैसी आत्मीयता के साथ-साथ बेहतरीन मेडिकल देखभाल और सहायता भी मिलेगी। यहां एक अस्पताल और एक पुनर्वास केंद्र (रिहैबिलिटेशन सेंटर) भी होगा, जहाँ डॉक्टर, नर्स और थेरेपिस्ट विशेष देखभाल प्रदान करेंगे।"

इसकी वेबसाइट के अनुसार, रिलायंस फाउंडेशन भारत का सबसे बड़ा निजी परोपकारी संगठन है। इसकी स्थापना 2010 में नीता अंबानी और मुकेश अंबानी ने की थी। इसने भारत के 100,000 से अधिक गांवों और शहरी क्षेत्रों में 10 करोड़ (100 मिलियन) से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।

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