गांव में न बिजली, न पक्की सड़क फिर भी AIIMS दिल्ली तक पहुंची चारुल, NEET में हासिल की शानदार रैंक
Udaipur Times, Charul Honariya NEET Success Story : देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल NEET को पास करने के लिए लाखों छात्र-छात्राएं हर साल मेहनत करते हैं। लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जो संघर्ष और हौसले की नई मिसाल बन जाती हैं। ऐसी ही कहानी चारुल होनारिया (Charul Honariya) की है जिन्होंने बेहद साधारण ग्रामीण परिवेश और आर्थिक तंगी के बावजूद अपने डॉक्टर बनने के सपने को सच कर दिखाया।
गांव की कठिन परिस्थितियों में शुरू हुई पढ़ाई
चारुल ऐसे गांव से आती हैं, जहां कभी बिजली, पक्की सड़क और बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं का अभाव था। केरोसिन के दीये की रोशनी में पढ़ाई करते हुए उन्होंने बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना देखा। उनका उद्देश्य अपने गांव में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था।

10वीं से शुरू कर दी थी NEET की तैयारी
चारुल ने 10वीं कक्षा से ही NEET की तैयारी शुरू कर दी थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह महंगी कोचिंग नहीं कर सकीं। हालांकि, उनकी मेधा के कारण उन्हें विद्या ज्ञान स्कूल में पूरी छात्रवृत्ति मिली, जहां उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। 12वीं बोर्ड परीक्षा में उन्होंने 93 प्रतिशत अंक हासिल किए।
पहले प्रयास में नहीं मिली सफलता
साल 2019 में चारुल ने पहली बार NEET परीक्षा दी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। गांव में इंटरनेट कनेक्शन खराब था. लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन क्लासेस लेने के लिए उन्हें छत पर बैठना पड़ता था। उनके पिता ने कर्ज लेकर स्मार्टफोन खरीदा ताकि वह पढ़ाई जारी रख सकें। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी जारी रखी। बाद में उन्हें दक्षिणा (Dakshina) कोचिंग में भी छात्रवृत्ति मिली, जिससे उनकी तैयारी और मजबूत हुई।
680 अंक और AIR 681 के साथ AIIMS दिल्ली में मिला दाखिला
साल 2020 में चारुल ने NEET में 720 में से 680 अंक हासिल किए और ऑल इंडिया रैंक (AIR) 681 प्राप्त की। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान AIIMS दिल्ली में MBBS पाठ्यक्रम में प्रवेश मिला। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह 2020-2025 MBBS बैच की छात्रा हैं।
संघर्ष और मेहनत की मिसाल
चारुल होनारिया (Charul Honariya) की कहानी बताती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत में निरंतरता बनी रहे, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते।
