गांव में इंटरनेट नहीं, घर की आर्थिक तंगी फिर भी ट्रक ड्राइवर की बेटी ने NEET में रचा इतिहास
Udaipur Times, Kaynat Khanam NEET Success Story : बिहार के दरभंगा जिले की खयनत खानम (Khayanat Khanam) ने साबित कर दिया कि मेहनत और मजबूत इरादों के सामने आर्थिक तंगी भी हार मान लेती है। ट्रक ड्राइवर की बेटी खयनत ने कई असफलताओं और NEET पेपर लीक जैसी बड़ी चुनौती का सामना करने के बाद आखिरकार मेडिकल कॉलेज में दाखिले का सपना पूरा कर लिया। री-NEET परीक्षा में उन्होंने 720 में से 593 अंक हासिल किए और ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1407 प्राप्त की।
ट्रक ड्राइवर की बेटी ने पूरा किया डॉक्टर बनने का सपना
खयनत खानम (Khayanat Khanam) दरभंगा जिले के बिरौल प्रखंड के मोरवारा गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता इम्तियाज अहमद खान ट्रक चालक हैं। परिवार में माता-पिता के अलावा एक छोटा भाई और एक छोटी बहन हैं। बच्चों की बेहतर पढ़ाई के लिए उनके पिता गांव छोड़कर दरभंगा शहर में किराये के मकान में रहने लगे।
गांव में इंटरनेट की दिक्कत, इसलिए शहर में लिया किराये का घर
खयनत ने शुरुआती पढ़ाई अपने दादा-दादी के साथ रहकर की। कोविड-19 के दौरान जब वह गांव लौटीं तो ऑनलाइन पढ़ाई में इंटरनेट की समस्या बड़ी बाधा बन गई। बेटी की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए पिता ने दरभंगा के रहमगंज इलाके में किराये का घर ले लिया।
तीन बार असफलता, फिर NEET पेपर लीक का झटका
खयनत ने लगातार तीन बार NEET परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद 2026 में NEET पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द हो गई, जिससे वह मानसिक तनाव में चली गईं। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और दोबारा तैयारी शुरू की।
शिक्षक ने बढ़ाया हौसला
खयनत बताती हैं कि दो बार असफल होने के बाद उनके माता-पिता भी चाहते थे कि वह NEET की तैयारी छोड़ दें। लेकिन उनके शिक्षक सुमित चौबे ने उन्हें एक और मौका देने के लिए प्रेरित किया। शिक्षक के भरोसे और मार्गदर्शन ने उनका आत्मविश्वास लौटाया।
रोज 12 से 13 घंटे की पढ़ाई
RE-NEET परीक्षा पहले से कठिन होने की संभावना को देखते हुए खयनत ने रोज 12 से 13 घंटे पढ़ाई की। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने 593 अंक हासिल कर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का रास्ता बना लिया।
संघर्ष से मिली सफलता
खयनत अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षक को देती हैं। उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद अगर मेहनत और धैर्य बनाए रखा।