अवैध कब्जों की नहीं अब खैर ! NCR में हाईवे और एक्सप्रेसवे किनारे चलेगा प्रशासन का पीला पंजा, प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट
Udaipur Times, New Delhi : कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद पलवल जिला प्रशासन ने हाईवे और एक्सप्रेसवे के किनारे अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे, KMP और KGP एक्सप्रेसवे कॉरिडोर का व्यापक निरीक्षण कराया जाएगा। जांच के दौरान सड़क किनारे नियमों के विपरीत बने होटल, ढाबे, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, अवैध कट, अनधिकृत पार्किंग और अन्य निर्माण को चिह्नित किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलिंग, लाइसेंस या अनुमति निलंबित करने से लेकर अन्य नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इस अभियान के लिए उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने जॉइंट टास्क फोर्स गठित की है। टीम को तीन दिन के भीतर निरीक्षण पूरा कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
हाईवे-एक्सप्रेसवे के किनारे हर निर्माण की होगी जांच
जॉइंट टास्क फोर्स एनएच-44, KMP और KGP कॉरिडोर का निरीक्षण करेगी। इस दौरान सरकारी जमीन, सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर हुए अतिक्रमण की जानकारी जुटाई जाएगी। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि हाईवे या एक्सप्रेसवे के आसपास संचालित हो रहे होटल, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के पास जरूरी अनुमति और वैध दस्तावेज हैं या नहीं। जिन स्थानों पर नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी की जाएगी। अभियान की निगरानी संबंधित एसडीएम करेंगे, जबकि जिला नगर योजनाकार को जॉइंट टास्क फोर्स का सदस्य सचिव बनाया गया है।
कई विभागों के अधिकारी टीम में शामिल
यह कार्रवाई सिर्फ एक विभाग तक सीमित नहीं रहेगी। जॉइंट टास्क फोर्स में पुलिस, राजस्व, परिवहन, बिजली निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और आबकारी विभाग के अधिकारी भी शामिल किए गए हैं। इससे अलग-अलग विभागों से जुड़े नियमों की एक साथ जांच की जा सकेगी। मसलन, जहां अवैध निर्माण का मामला होगा, वहां संबंधित विभाग कार्रवाई करेगा। वहीं बिना अनुमति या नियमों के विपरीत चल रहे अन्य प्रतिष्ठानों और गतिविधियों पर भी संबंधित विभाग अपने अधिकार क्षेत्र के अनुसार कार्रवाई कर सकते हैं। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तीन दिन के भीतर निरीक्षण पूरा कर कार्रवाई और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। किसी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय करने की बात भी कही गई है।
नियम तोड़ने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी हो सकते हैं रद्द
जांच में यदि किसी होटल, ढाबे या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो सिर्फ निर्माण हटाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। संबंधित प्रतिष्ठान के लाइसेंस या अनुमति को निलंबित अथवा रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके साथ ही शराब की दुकानों और अहातों के आसपास होने वाले अतिक्रमण की भी जांच की जाएगी। यह देखा जाएगा कि इन स्थानों के आसपास सार्वजनिक जमीन या सड़क पर किसी तरह का अनधिकृत कब्जा तो नहीं किया गया है।बिना लाइसेंस या नियमों के विपरीत संचालित होने वाले वाहनों पर भी संबंधित विभाग कार्रवाई कर सकते हैं।
डिवाइडर में बनाए गए अवैध कट भी रडार पर
अभियान के दौरान हाईवे और एक्सप्रेसवे के डिवाइडर तथा सड़क किनारे बनाए गए अवैध कट की भी जांच की जाएगी।कई बार होटल, ढाबे या अन्य प्रतिष्ठानों तक सीधे पहुंच बनाने के लिए सड़क या डिवाइडर में अनधिकृत कट बना दिए जाते हैं। ऐसे कट से मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार से चल रहे वाहनों के बीच अचानक स्थानीय ट्रैफिक आ सकता है, जिससे दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है। जॉइंट टास्क फोर्स ऐसे सभी स्थानों को चिह्नित करेगी और उनकी सूची तैयार कर संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजेगी।
हाईवे किनारे अवैध पार्किंग पर भी कसेगा शिकंजा
प्रशासन की कार्रवाई में अवैध पार्किंग भी प्रमुख बिंदुओं में शामिल है। राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे के किनारे, फुटपाथ और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के विपरीत वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खासकर होटल, ढाबे और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से खड़े वाहनों की जांच होगी। ऐसे वाहनों के कारण यातायात प्रभावित होने के साथ सड़क पर चलने वाले दूसरे वाहनों के लिए भी परेशानी पैदा हो सकती है। टीम ऐसे स्थानों की पहचान करेगी जहां नियमित रूप से अनधिकृत पार्किंग हो रही है।
अवैध बिजली-पानी कनेक्शन की भी होगी जांचे
अवैध निर्माण और अनधिकृत प्रतिष्ठानों को मिलने वाली बिजली और पानी की सुविधा की भी जांच की जाएगी। प्रशासन यह पता लगाएगा कि ऐसे प्रतिष्ठान किन माध्यमों से बिजली और पानी की सुविधा प्राप्त कर रहे हैं। यदि किसी स्थान पर अवैध बिजली कनेक्शन मिलता है तो संबंधित विभाग अपने नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगा। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम सहित संबंधित विभागों को भी अभियान में जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह प्रशासन की कोशिश है कि अवैध निर्माण के साथ-साथ उससे जुड़ी दूसरी अनधिकृत सुविधाओं पर भी कार्रवाई की जा सके।
सात दिन पहले KMP पर हुआ था भीषण हादसा
प्रशासन की इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि में करीब सात दिन पहले KMP एक्सप्रेसवे पर हुआ भीषण सड़क हादसा भी महत्वपूर्ण है। हादसे में श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप और ट्रक दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में छह श्रद्धालुओं की मौत हुई थी, जबकि 14 लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए थे। हादसे में शामिल श्रद्धालु उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए गए थे। घटना के बाद हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सड़क सुरक्षा, अवैध पार्किंग, अनधिकृत कट और सड़क किनारे संचालित प्रतिष्ठानों को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई।
तीन दिन में सामने आएगी पूरी तस्वीर
जॉइंट टास्क फोर्स को तीन दिन के भीतर निरीक्षण पूरा कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट में हाईवे और एक्सप्रेसवे के किनारे मौजूद अतिक्रमण, अवैध निर्माण, अनधिकृत कट, अवैध पार्किंग और अन्य नियम उल्लंघनों की जानकारी शामिल होगी। इसके बाद संबंधित विभागों की ओर से नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यानी अभी बुलडोजर चलने की कार्रवाई जांच और रिपोर्ट के बाद ही तय होगी, लेकिन प्रशासन के सख्त रुख से हाईवे-एक्सप्रेसवे किनारे नियमों के विपरीत गतिविधियां चलाने वालों पर कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।