अब डाकिए का नहीं करना पड़ेगा इंतजार ! आसमान से होगी चिट्ठी-पार्सल की डिलवरी, यहां शुरू हुई ड्रोन सेवा

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अब डाकिए का नहीं करना पड़ेगा इंतजार ! आसमान से होगी चिट्ठी-पार्सल की डिलवरी, यहां शुरू हुई ड्रोन सेवा

Udaipur Times, New Delhi : देश के दुर्गम इलाकों में अब डाक पहुंचाने का तरीका बदलने जा रहा है। इंडिया पोस्ट ने पहाड़ी और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में डाक के बैग पहुंचाने के लिए ड्रोन सेवा शुरू की है। हिमाचल प्रदेश के बाद अब असम में भी ड्रोन के जरिए डाक पहुंचाने की शुरुआत की गई है।

इंडिया पोस्ट की इस पहल के तहत असम और हिमाचल प्रदेश में करीब 150 निर्धारित मार्गों पर ड्रोन आधारित डाक सेवा शुरू करने की योजना है। इनमें हिमाचल प्रदेश के करीब 110 और असम के 40 मार्ग शामिल हैं।

असम से शुरू होगी  पहली ड्रोन उड़ान

असम में इस सप्ताह पहली बार डाक के बैग पहुंचाने के लिए ड्रोन उड़ाया गया। यह सेवा खास तौर पर उन इलाकों के लिए उपयोगी होगी, जहां खराब सड़क, लंबी दूरी, बाढ़ और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सड़क मार्ग से डाक पहुंचाने में काफी समय लगता है।

10 किलो भार तक के डाक ले जा सकेंगे ड्रोन

इस परियोजना के लिए इंडिया पोस्ट ने गुरुग्राम की ड्रोन डिलीवरी और तकनीकी कंपनी स्काई एयर मोबिलिटी के साथ साझेदारी की है। ड्रोन खाता डाकघरों से शाखा डाकघरों तक डाक के बैग पहुंचाएंगे। कंपनी के मुताबिक, इस्तेमाल किए जा रहे ड्रोन करीब 10 किलोग्राम तक वजन ले जाने में सक्षम हैं।

कम समय में तय होगी अधिक दूरी

हिमाचल प्रदेश के मंडी-रेहड़धार मार्ग पर इस तकनीक का असर पहले ही देखने को मिल चुका है। मंडी मुख्य डाकघर से रेहड़धार शाखा डाकघर की दूरी करीब 12 किलोमीटर है। सड़क मार्ग से इस दूरी को तय करने में दो घंटे से ज्यादा समय लगता है, जबकि ड्रोन के जरिए डाक लगभग 7 मिनट में पहुंचाई जा रही है। इंडिया पोस्ट के मुताबिक, ड्रोन सेवा से दुर्गम क्षेत्रों में डाक वितरण की गति बढ़ने के साथ-साथ वास्तविक समय में निगरानी भी संभव होगी। इससे खराब मौसम और कठिन रास्तों के बावजूद दूर-दराज के इलाकों तक डाक सेवा को अधिक तेज और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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