यहां कोई निवासी नहीं सभी प्रवासी: हेमचन्द्र सूरीश्वर

आचार्य हेमचन्द्र सूरीश्वर महाराज ने कहा कि कुछ वर्षों के लिए आते हैं लेकिन यहां का स्थायी निवासी समझने लगते हैं। जो आया है, सभी को एक दिन जाना है तो फिर निवासी कैसे, प्रवासी हुए। प्रवासी बनकर रहो, हमेशा खुश रहोगे।उन्होेंने कहा कि वे व्यक्ति सौभाग्यशाली हैं जो बचपन में ही जान जाते हैं कि वे प्रवासी हैं, निवासी नहीं। जब संयम का भाव जागृत हो जाए तभ

 | 

यहां कोई निवासी नहीं सभी प्रवासी: हेमचन्द्र सूरीश्वर

आचार्य हेमचन्द्र सूरीश्वर महाराज ने कहा कि तीन आयामों बचपन, जवानी और बुढ़ापे में जीवन समाप्त हो जाता है। इसके बावजूद व्यक्ति खुद को यहां का स्थायी निवासी समझकर जीता है। जीवन भर दुखों का यही कारण है। वे शुक्रवार को न्यू भूपालपुरा में आयोजित धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ वर्षों के लिए आते हैं लेकिन यहां का स्थायी निवासी समझने लगते हैं। जो आया है, सभी को एक दिन जाना है तो फिर निवासी कैसे, प्रवासी हुए। प्रवासी बनकर रहो, हमेशा खुश रहोगे।उन्होेंने कहा कि वे व्यक्ति सौभाग्यशाली हैं जो बचपन में ही जान जाते हैं कि वे प्रवासी हैं, निवासी नहीं। जब संयम का भाव जागृत हो जाए तभी दीक्षा का समय आ जाता है। शरीर की उम्र हो सकती है लेकिन आत्मा की कोई उम्र नहीं होती। अच्छे संस्कार होंगे तो व्यक्ति का जीवन अच्छा व्यतीत होता है। संसार में जो है, सब को भोगना है, यह जरूरी नहीं। अपने जीवन को समझें कि कैसे जीना है। खुद को प्रवासी मानेंगे तो संयमित रहेंगे।

श्री मुनिसुव्रतस्वामी जैन श्वे.संघ न्यू भुपालपुरा के उपाध्यक्ष गजेन्द्र नाहटा ने बताया कि 5 मार्च से न्यू भूपालपुरा में आयोजित होने वाली 5 दिवसीय अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरणों में है।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News