सेमल नहीं – लोहे की होली जलायें

आगामी माघी पूर्णिमा पर्व पर होने वाले होलिका-रोपण और सेमल सरंक्षण अभियान विषय पर सोसाइटी फॉर माइक्रोवाइटा रिसर्च एंड इंटीग्रेटेड मेडिसिन (स्मरिम), उदयपुर के कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक १६ जनवरी को टेकरी-मादड़ी रोड स्थित जागृति पर आयोजित की गयी।

 | 

सेमल नहीं – लोहे की होली जलायें

आगामी माघी पूर्णिमा पर्व पर होने वाले होलिका-रोपण और सेमल सरंक्षण अभियान विषय पर सोसाइटी फॉर माइक्रोवाइटा रिसर्च एंड इंटीग्रेटेड मेडिसिन (स्मरिम), उदयपुर के कार्यकारिणी सदस्यों की बैठक १६ जनवरी को टेकरी-मादड़ी रोड स्थित जागृति पर आयोजित की गयी।

स्मरिम अध्यक्ष डॉ एस. के. वर्मा ने बताया की होलिका- दहन पर हजारो की संख्या में औषधीय रूप से महत्वपूर्ण सेमल वृक्षों की कटाई हो जाती है जिसके चलते इसकी संख्या बहुत कम रह गयी है और इसके सरंक्षण की अत्यधिक आवश्यकता है। अतः सेमल सरंक्षण अभियान के चलते इस वर्ष भी लोहे की होली जलाने के लिए अधिक से अधिक व्यक्तियों को प्रेरित किया जायेगा और सोसाइटी, उचित दर पर लोहे की होली उपलब्ध कराएगी जिसके लिए जन-साधारण सोसाइटी से संपर्क कर सकते हैं।

स्मरिम सचिव डॉ वर्तिका जैन ने बताया की सोसाइटी विगत ९ वर्षों से सेमल वृक्ष सरंक्षण अभियान के तहत जन-जागरूकता और सेमल पौधारोपण के साथ ही लोहे की होली जलाने के ईको-फ्रैडंली विकल्प के माध्यम से उदयपुर शहर में प्रयासशील है। इसी के चलते गत वर्ष भी शहर की कई कोलोनिस, सोसाइटीज ने इस ईको-फ्रैडंली विकल्प को अपनाया और इस वर्ष भी एस.एम. एस., इ-मेल, पत्रक वितरण और सोशल व प्रिंट मीडिया का प्रयोग करते हुए जन-समूह को सामूहिक रूप से लोहे की होली जलाने के लिए जाग्रत किया जायेगा।

कार्यकारिणी के समस्त सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया की इस अभियान की सफलता के लिए वन-विभाग का सहयोग भी लिया जायेगा और सामूहिक लोहे की होली जलाने के लिए व्यक्तिगत तौर पर संपर्क कर सभी को प्रेरित किया जाएगा। अंत में धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव गिरधारीलाल सोनी ने किया।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News