अब हर घर में नहीं लगवाना पड़ेगा AC, पूरा शहर रहेगा कूल-कूल, जानिए कहां पर तैयार हो रहा है डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम
Udaipur Times, District Cooling Project : आज के दौर में दुनिया के कई बड़े शहर बढ़ती गर्मी और बिजली की खपत से परेशान हैं। 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचते तापमान ने एसी को जरूरत बना दिया है, लेकिन अब इसका एक वैकल्पिक समाधान (ऑप्शन) सामने आ रहा है—डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम।
सिंगापुर में चल रहा बड़ा प्रयोग
सिंगापुर के पुंगगोल इलाके में इस तकनीक का बेहतरीन उदाहरण देखने को मिल रहा है। यहां जमीन के नीचे करीब 5 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई है, जिसके जरिए ठंडा पानी इमारतों तक पहुंचाया जाता है। यह पानी ऑफिस, स्कूल और अन्य कमर्शियल बिल्डिंग्स को ठंडा रखने का काम करता है। District Cooling Project
जानते हैं क्या है डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम?
यह एक केंद्रीकृत कूलिंग तकनीक है, जिसमें एक ही बड़े प्लांट से पूरे इलाके को ठंडी हवा या ठंडा पानी सप्लाई किया जाता है। इस सिस्टम की खासियत यह है कि यह पारंपरिक एयर कंडीशनिंग की तुलना में कम बिजली खर्च करता है और ज्यादा ऊर्जा दक्ष (energy efficient) होता है। District Cooling Project
कितना बड़ा है इसका नेटवर्क
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिंगापुर के कई इलाकों में पहले से ही इस तरह के पाइप नेटवर्क बिछाए जा चुके हैं। मरीना बे जैसे क्षेत्रों में यह दुनिया के सबसे बड़े अंडरग्राउंड कूलिंग सिस्टम में से एक माना जाता है। आने वाले समय में और भी इमारतों को इससे जोड़ा जाएगा। District Cooling Project
कूलिंग की लगातार बढ़ती मांग के कारण जरूरी ये साधन
सिंगापुर जैसे देशों में ऊर्जा संसाधनों की कमी है और ज्यादातर ऊर्जा आयात करनी पड़ती है। साथ ही, यहां तापमान वैश्विक औसत से तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कूलिंग की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
विशेषज्ञों का क्या मानना है?
नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के विशेषज्ञों का मानना है कि शहरीकरण, बढ़ती गर्मी और बढ़ते निर्माण क्षेत्र के कारण आने वाले समय में कूलिंग की मांग और तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में डिस्ट्रिक्ट कूलिंग जैसे सिस्टम शहरों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। District Cooling Project
यह तकनीक भविष्य में शहरों को ज्यादा टिकाऊ और ऊर्जा-कुशल बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है, जहां हर घर में एसी लगाने की जरूरत कम हो जाएगी।
