अब शेखावाटी में एडवेंचर होगा दोगुना ! हर्ष पर्वत पर शुरू होगी जिपलाइन, पहाड़ियों को देखने का मिलेगा शानदार मौका

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अब शेखावाटी में एडवेंचर होगा दोगुना ! हर्ष पर्वत पर शुरू होगी जिपलाइन, पहाड़ियों को देखने का मिलेगा शानदार मौका 

Udaipur Times, Harsh Parvat Zip Line : शेखावाटी के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल हर्ष पर्वत पर आने वाले पर्यटकों के लिए अब रोमांच का एक नया अनुभव जुड़ने जा रहा है। यहां जल्द ही पर्यटक पहाड़ों के बीच हवा में झूलते हुए जिपलाइन की सवारी का आनंद ले सकेंगे। करीब 3100 फीट की ऊंचाई पर तैयार की जा रही यह जिपलाइन लगभग 560 मीटर लंबी होगी।

हर्ष पर्वत पहले से ही अपनी प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व और अरावली की पहाड़ियों के मनोरम दृश्य के लिए पर्यटकों को आकर्षित करता है। अब यहां जिपलाइन शुरू होने के बाद युवाओं और एडवेंचर पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए भी यह जगह खास आकर्षण बन सकती है।

560 मीटर लंबी होगी जिपलाइन

हर्ष पर्वत पर बनाई जा रही जिपलाइन की लंबाई करीब 560 मीटर होगी। इसका एक छोर पर्वत पर बनाए गए टावर से शुरू होगा, जबकि दूसरा छोर पवन चक्की की पार्किंग के नजदीक बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि जिपलाइन का बड़ा हिस्सा गहरी खाई के ऊपर से होकर गुजरेगा।

इस दौरान पर्यटकों को ऊंचाई से अरावली की पहाड़ियों का नजारा देखने के साथ-साथ हवा में झूलने का रोमांच भी मिलेगा। जिपलाइन की ऊंचाई और इसके रास्ते में आने वाला पहाड़ी क्षेत्र इसे सामान्य जिपलाइन से अलग एडवेंचर अनुभव दे सकता है।

1.50 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा निर्माण

जिपलाइन का निर्माण निजी सहभागिता के तहत एक प्राइवेट कंपनी द्वारा कराया जा रहा है। इसके निर्माण पर करीब 1.50 करोड़ रुपये की लागत आने की बात सामने आई है।

इस परियोजना के लिए वन विभाग की ओर से 0.706 हेक्टेयर भूमि डायवर्जन की स्वीकृति भी दी गई थी। परियोजना का उद्देश्य हर्ष पर्वत पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ एडवेंचर टूरिज्म को विकसित करना है।

एक टावर का काम हुआ पूरा, दूसरे छोर पर निर्माण अभी जारी

हर्ष पर्वत पर जिपलाइन के एक छोर का टावर तैयार हो चुका है। अब दूसरी ओर पवन चक्की के पास जिपलाइन से जुड़े निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि बाकी काम पूरा होने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। निर्माण पूरा होने के बाद जिपलाइन को पर्यटकों के लिए खोलने से पहले सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी तकनीकी जांच की जाएगी। सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इसे आम पर्यटकों के लिए शुरू किया जा सकता है।

परियोजना से जुड़े काम को अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में उम्मीद है कि अक्टूबर के बाद हर्ष पर्वत पहुंचने वाले पर्यटकों को इस नई एडवेंचर एक्टिविटी का आनंद लेने का मौका मिल सकता है।

स्पाइडर-मैन जिपलाइन भी बनेगी आकर्षण का केंद्र

हर्ष पर्वत पर केवल सामान्य जिपलाइन ही नहीं, बल्कि स्पाइडर-मैन जिपलाइन का विकल्प भी पर्यटकों को मिलने वाला है। यह एडवेंचर एक्टिविटी खास तौर पर रोमांच पसंद करने वाले लोगों के लिए तैयार की जा रही है।

इसमें पर्यटक सुरक्षित हार्नेस के जरिए कमर के सहारे लटककर पहाड़ियों के बीच से गुजर सकेंगे। इसका ट्रैक पहाड़ी के एक छोर से शुरू होकर दूसरे छोर पर सुरक्षित स्थान पर समाप्त होगा।

सुरक्षा के लिए पर्यटकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। जिपलाइन शुरू करने से पहले तकनीकी और सुरक्षा मानकों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित तरीके से एडवेंचर का अनुभव कराया जा सके।

धार्मिक पर्यटन के साथ बढ़ेगा एडवेंचर टूरिज्म

हर्ष पर्वत लंबे समय से धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन के लिए जाना जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालु हर्षनाथ मंदिर में दर्शन करने के साथ आसपास की पहाड़ियों और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेते हैं।

जिपलाइन शुरू होने के बाद यहां आने वाले पर्यटकों के पास घूमने के साथ-साथ एडवेंचर एक्टिविटी का नया विकल्प भी होगा। इससे खास तौर पर युवा पर्यटकों और परिवारों को आकर्षित करने में मदद मिल सकती है।

पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि एडवेंचर टूरिज्म के बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और अन्य पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना रहती है।

3100 फीट की ऊंचाई पर स्थित है हर्षनाथ मंदिर

हर्ष पर्वत केवल एडवेंचर टूरिज्म के लिए ही नहीं, बल्कि अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण भी खास है। अरावली पर्वतमाला की ऊंची चोटियों के बीच करीब 3100 फीट की ऊंचाई पर स्थित हर्षनाथ मंदिर शेखावाटी की प्राचीन धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, चौहान शासक विग्रहराज ने वर्ष 973 ईस्वी में हर्ष पर्वत की चोटी पर मंदिर का निर्माण शुरू कराया था। बताया जाता है कि मंदिर के निर्माण में करीब 12 वर्ष का समय लगा था। इस वजह से हर्ष पर्वत का इतिहास एक हजार वर्ष से भी अधिक पुराना माना जाता है।मंदिर और आसपास का पहाड़ी क्षेत्र धार्मिक श्रद्धालुओं के साथ इतिहास और प्रकृति में रुचि रखने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।

पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनेगा हर्ष पर्वत

हर्ष पर्वत पर 560 मीटर लंबी जिपलाइन और स्पाइडर-मैन जिपलाइन शुरू होने के बाद यहां पर्यटन का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। एक ओर जहां श्रद्धालु हर्षनाथ मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, वहीं दूसरी ओर एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों को पहाड़ियों के बीच रोमांच का अनुभव मिलेगा।

यदि परियोजना का निर्माण कार्य तय समय के अनुसार पूरा होता है और सुरक्षा जांच के बाद इसे अक्टूबर में शुरू किया जाता है, तो आने वाले समय में हर्ष पर्वत धार्मिक पर्यटन के साथ एडवेंचर टूरिज्म के एक नए केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना सकता है।

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