Udaipur Times, New Delhi : पीएम उदय योजना के तहत दिल्ली की 1511 कॉलोनियां दायरे में हैं। इन सभी अनधिकृत कॉलोनियों में संपत्तियों व बने मकानों के निर्मित क्षेत्र को नियमित कराने के लिए अब नगर निगम द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क में 75% छूट मिलेगी। इस संबंध में निगम ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इन अनधिकृत कॉलोनियों की संपत्तियों के नियमितीकरण को लेकर इस साल 24 अप्रैल को निगम ने स्वागम पोर्टल शुरू किया था। पोर्टल के शुरू होने के बाद इन कॉलोनियों के लोगों ने निगम द्वारा लगाए जाने वाले इन नियमितीकरण शुल्क पर आपत्तियां जताई थीं। इन वजहों से स्वागम पोर्टल पर इन कॉलोनियों के निवासी आवेदन भी नहीं कर रहे थे।
निगम की स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बताया, इस योजना के तहत अनधिकृत कॉलोनियों में बने मकानों के निर्मित क्षेत्र को नियमित कराने के लिए एमसीडी द्वारा लगाए जाने वाले शुल्क में 75% तक छूट देने की मंजूरी दे दी है। यह छूट 31 अक्तूबर तक नियमितीकरण कराने वाले आवेदकों को मिलेगी।
इतना मिलेगा फायदा
दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियां एमसीडी और सरकारी वर्गीकरण के अनुसार मुख्य रूप से ई, एफ, जी और एच श्रेणी में आती हैं। इनके अनुसार कैम्पेनसेटरी रेगुलेटरी शुल्क इन क्षेत्र की संपत्तियों में 35 रुपये प्रति वर्ग मीटर लगता है। इसके तहत 100 वर्ग मीटर की संपत्ति व मकान में अब कैपेनसेटरी रेगुलेटरी शुल्क 3500 रुपये की जगह पर 875 रुपये देना होगा। इसके तहत सी एंड डी (कंस्ट्रक्शन व डिमोलिशन) वेस्ट शुल्क 30 से 50 रुपये प्रति वर्ग मीटर के तहत लिया जाता है।
अब 100 वर्ग मीटर तक के एक मंजिला मकान में यह शुल्क तीन हजार व पांच हजार की जगह पर 750 रुपये व 1250 रुपये ही देना होगा। इसके अतिरिक्त डेवलपमेंट शुल्क (यानी सड़क, नाली व बिजली) के लिए 200 रुपये प्रति वर्ग मीटर देना होता है। अब यह 100 वर्ग मीटर तक के मकान में यह 20 हजार रुपये की जगह पर 5 हजार रुपये ही देना होगा।
नियमितीकरण शुल्क तीन से चार लाख रुपये
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इन अनधिकृत कॉलोनियों की संपत्तियों और मकानों को नियमितीकरण शुल्क के तहत लगभग तीन से चार लाख रुपये तक शुल्क लग रहे थे। अब अधिकतम शुल्क हट गए हैं और सिर्फ चार तरह के शुल्क में भी 75 फीसदी की छूट प्रदान होगी।
शुल्क खत्म
UBBL-2016 के तहत परमिट फीस, बेटरमैट चार्ज, लेवी, अतिरिक्त लेवी, प्लिंथ फीस और बिना स्वीकृति निर्माण से संबंधित शुल्क, श्रम उपकर जैसे शुल्कों को इन कॉलोनियों की संपत्तियों व मकानों के नियमितीकरण शुल्क में से हटाया गया है। यदि 100 वर्ग मीटर का मकान है, तब इसमें निर्माण लागत 15 हजार प्रति वर्ग मीटर मानी जाए, तब कुल लागत के 15 लाख के अनुसार 15 हजार रुपये श्रम उपकर लगता था। अब यह हट गया है।