अब 45 मिनट में होगी एक एकड़ कपास की चुगाई, HAU हिसार ने बनाई डीजल से चलने वाली मशीन

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अब 45 मिनट में होगी एक एकड़ कपास की चुगाई, HAU हिसार ने बनाई डीजल से चलने वाली मशीन 

Udaipur Times, Haryana News, हिसार : किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। अब किसानों को कपास की चुगाई में अधिक मेहनत और पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि HAU हिसार ने कपास चुगाई के लिए एक जबरदस्त मशीन बनाई है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज के वैज्ञानिकों ने कपास की चुगाई के लिए 3 नई मशीनें तैयार की हैं। 

जानकारी के मुताबिक किसानों को अब तक कपास की चुगाई हाथों से करनी पड़ती थी, किसानों को लेबर की किल्लत व अधिक खर्च का सामना करना पड़ता था। HAU के कपास अनुभाग और कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज के संयुक्त प्रयासों से यह मशीनें तैयार की गई हैं। HAU में शुरू हुए दो दिवसीय कृषि मेले के शुभारंभ में इनका डेमो CM नायब सैनी के समक्ष दिया गया। Haryana News

मिली जानकारी के अनुसार इनमें एक बड़ी व दो हस्तचालित छोटी मशीनें हैं। बड़ी मशीन मैकेनाइज्ड कंबाइन की तरह है, जो डीजल से चलती है। यह 45 मिनट में 1 एकड़ में 10 क्विंटल कपास की चुगाई करती है। 7 से 10% तक पत्ते या कचरा आ सकता है। जब खेत में मशीन चलेगी, तो वैक्यूम के माध्यम से रुई तेजी से खींचकर मशीन के पीछे जुड़ी ट्रॉली में एकत्रित होगी। पौधे के रेशे व लकड़ियां कटकर मशीन के निचले हिस्से में अलग जाएंगे। Haryana News

सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और आसपास के जिलों में कपास एक प्रमुख नकदी फसल है। HAU हिसार के कुलपति प्रो. बीआर काम्बोज ने बताया कि लेबर की कमी से जूझ रहे किसानों के लिए ये मशीनें बेहद मददगार साबित होंगी, लागत को घटाएंगी। मेले की थीम सतत कपास उत्पादन, फसल विविधीकरण व जल संसाधनों का संरक्षण था। CM ने कहा कि गेहूं व धान उगाने से पानी की खपत ज्यादा होती है, जबकि दुनिया जल संकट का सामना कर रही है। इसलिए हमें दलहन, तिलहन व कम पानी से उगने वाली फसलों को अपनाना होगा। Haryana News

CM ने चुगाई मशीन का अवलोकन किया।

दो हस्तचालित मशीनें बैटरी से चलेंगी

छोटे व मध्यम वर्गीय किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दो हस्तचालित छोटी मशीनें भी बनाई हैं, ये बैटरी से चलेंगी। कपास अनुभाग के अध्यक्ष डॉ. करमल सिंह ने बताया कि ये मशीनें किफायती और उपयोग में आसान होंगी। ये मशीनें सस्ती भी होंगी, जिससे आम किसान भी इनको खरीद सकेगा। Haryana News

वैक्यूम आधारित हैंडी मशीन : इस मशीन को किसान मैनुअल पिकर की तरह सीधे हाथ में पकड़ेंगे। यह वैक्यूम तकनीक से पौधे से कपास को खींचकर साथ जुड़े थैले में सुरक्षित रूप से एकत्रित करती जाएगी। Haryana News

ट्रिमर आधारित हैंडी मशीन : यह मशीन शेविंग ट्रिमर की तर्ज पर काम करती है। इसे हाथ से संचालित किया जा सकता है। इसके निचले हिस्से में एक छोटा थैला लगा होता है, इसकी मदद से पौधे से कपास को तेजी से और सुगमता से थैले में एकत्र किया जा सकता है।

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