अब 15 घंटों का सफर 6 घंटे में होगा पूरा, तीन राज्यों को जोड़ने के लिए जल्द तैयार होगा नया एक्सप्रेसवे
Udaipur Times, Siliguri Gorakhpur Expressway : अभी गोरखपुर से सिलीगुड़ी का सफर तय करना हो तो 15 घंटों का लंबा वक्त लगता है। टूटी-फूटी सड़कें और जाम तो सफर का मजा ही बिगाड़ कर रख देता है। लेकिन अब आपको इस समस्या से निजात मिलने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे का निर्माण करने जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे का निर्माण होने से गोरखपुर से सिलीगुड़ी का सफर मात्र 6 घंटों में पूरा होगा।
32 करोड़ की लागत से बन रहा है एक्सप्रेसवे
यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल से गुजरने वाला इस एक्सप्रेसवे का निर्माण 32 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा है। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के पूरा होने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, माल ढुलाई मजबूत होगी और क्षेत्र के प्रमुख आर्थिक व पर्यटन केंद्रों तक पहुंच आसान हो जाएगी। Siliguri Gorakhpur Expressway
120 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ेगी गाडियां
अभी तो इस एक्सप्रेसवे को छह लेन वाले ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है, हालांकि इसके विस्तार की योजना अभी से तैयार कर ली गई है और भविष्य में आठ लेन तक बढ़ा दिया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 32,000 करोड़ रुपये है और इस पर 120 किमी प्रति घंटे की हवा की रफ्तार से वाहनों का आना-जाना हो सकेगा।
तीन राज्यों को एक साथ करेगा कनेक्ट
इस एक्सप्रेसवे का निर्माण होने से यह तीन राज्यों के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश से उत्तरी पश्चिम बंगाल तक बिहार के रास्ते एक बेहतरीन सड़क कॉरिडोर बनाएगा। इसका रूट गोरखपुर के पास जगदीशपुर से शुरू होकर सिलीगुड़ी तक जाएगा। जगदीशपुर को भारत के पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार माना जाता है। सिलीगुड़ी की भारत-नेपाल सीमा के पास स्थिति और 'चिकन नेक' के नाम से मशहूर संकरी सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नजदीक होने के कारण यह एक्सप्रेसवे क्षेत्रीय पहुंच को तो बेहतर बनाएगा ही पूर्वोत्तर राज्यों से कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा। Siliguri Gorakhpur Expressway
बिहार को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
तीन राज्यों के 12 जिलों से यह एक्सप्रेसवे गुजरेगा। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे लगभग 84 किमी लंबा होगा और गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर जिलों से होकर जाएगा। इसका सबसे लंबा हिस्सा बिहार में होगा, जहां एक्सप्रेसवे करीब 416 किमी तक फैला होगा। यह रूट पश्चिम चंपारण, शिवहर, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, सुपौल, मधुबनी, अररिया और किशनगंज जैसे जिलों से होकर गुजरने की उम्मीद है। इसलिए बिहार को इस एक्सप्रेसवे से ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मात्र 6 घंटे में गोरखपुर से सिलीगुड़ी का सफर होगा पूरा
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा गोरखपुर और सिलीगुड़ी के बीच यात्रा करने वालों को मिलेगा। अभी गोरखपुर से सिलीगुड़ी जाने में 14 से 15 घंटे का लंबा वक्त लगता है लेकिन इस एक्सप्रेसवे का निर्माण होने से 6 घंटे के भीतर सफर पूरा होगा। Siliguri Gorakhpur Expressway
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, जो आगे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ता है। इससे उत्तर भारत में एक बड़ा हाई-स्पीड रोड नेटवर्क बनेगा, जिससे प्रमुख शहरों के बीच पहुंच आसान होगी और माल व यात्रियों की आवाजाही भी बेहतर होगी।
आसपास के यात्रियों को मिलेगा फायदा
बेहतरीन सड़क कनेक्टिविटी से बिहार और आसपास के लोगों को बड़ा फायदा मिलेगा। Siliguri Gorakhpur Expressway इससे शहरी केंद्रों, सीमा क्षेत्रों और प्रमुख आर्थिक कॉरिडोर के बीच पहुंच को बेहतर बनाकर व्यापार, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय विकास को भी मजबूती प्राप्त होगी।
