अब जमीन के नीचे दौड़ेगी मेट्रो ! सफर होगा बिल्कुल आसान, देखें पूरा रूट प्लान ?
Udaipur Times, New Delhi : राजधानी लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार अब पुराने शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों तक होने जा रहा है। चारबाग से वसंतकुंज तक प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (फेज-1बी) में एलिवेटेड रूट के साथ अंडरग्राउंड हिस्से का रूट भी फाइनल कर दिया गया है। इस रूट के बनने के बाद चारबाग, अमीनाबाद, पाण्डेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा और चौक जैसे पुराने लखनऊ के प्रमुख इलाकों तक मेट्रो की पहुंच हो जाएगी।
इससे रोजाना इन इलाकों में आने-जाने वाले यात्रियों को सड़क की भीड़ और ट्रैफिक से राहत मिलने की उम्मीद है। अंडरग्राउंड हिस्से के लिए अगले महीने टेंडर जारी होने के बाद निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
चारबाग से पुराने लखनऊ तक जमीन के नीचे दौड़ेगी मेट्रो
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के अंडरग्राउंड हिस्से में चारबाग से आगे मेट्रो गौतमबुद्ध मार्ग की तरफ जाएगी। इसके बाद इसका रूट अमीनाबाद की ओर मुड़ेगा। अमीनाबाद के बाद मेट्रो पाण्डेयगंज पहुंचेगी और फिर सिटी रेलवे स्टेशन की तरफ आगे बढ़ेगी। इसके बाद मेडिकल चौराहा होते हुए मेट्रो चौक तक पहुंचेगी।
इस पूरे हिस्से में मेट्रो का ट्रैक कई जगह सीधा न होकर घुमावदार तरीके से बनाया जाएगा। इसके पीछे मुख्य वजह पुराने शहर के नीचे मौजूद रेलवे लाइन, सीवर लाइन और दूसरी मौजूदा सुविधाएं बताई गई हैं। निर्माण के दौरान इन बुनियादी ढांचों को नुकसान से बचाने के लिए रूट की डिजाइनिंग इस तरह की गई है कि मेट्रो सुरंग सुरक्षित तरीके से बनाई जा सके।
सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में अमीनाबाद स्टेशन होगा शामिल
अंडरग्राउंड रूट के सबसे महत्वपूर्ण स्टेशनों में अमीनाबाद स्टेशन भी शामिल होगा। यहां स्टेशन झंडे वाले पार्क के नीचे, गाढ़ा भंडार के सामने बनाया जाएगा। अमीनाबाद राजधानी के सबसे व्यस्त बाजार क्षेत्रों में से एक है, ऐसे में यहां मेट्रो स्टेशन बनने से रोजाना बड़ी संख्या में आने वाले लोगों को सार्वजनिक परिवहन का बेहतर विकल्प मिल सकेगा।
इसके बाद पाण्डेयगंज स्टेशन चौराहे के पास आर्य समाज मंदिर से मशकगंज ढाल तक बनाया जाएगा। वहीं मेडिकल चौराहा स्टेशन केजीएमयू चौराहे के पास प्रस्तावित है। चौक स्टेशन कंपनीबाग के नीचे बनाया जाएगा। इन स्टेशनों के जरिए पुराने लखनऊ के प्रमुख बाजार, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और घनी आबादी वाले इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
11.165 किलोमीटर लंबा होगा पूरा ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर
चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाला ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर करीब 11.165 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें 6.879 किलोमीटर हिस्सा अंडरग्राउंड रहेगा, जबकि 4.286 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड होगा। अंडरग्राउंड सेक्शन में कुल सात स्टेशन बनाए जाएंगे।अंडरग्राउंड रूट के सात स्टेशनों में चारबाग, गौतमबुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पाण्डेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल चौराहा और चौक शामिल हैं। चौक के बाद मेट्रो का रूट अंडरग्राउंड से एलिवेटेड हो जाएगा। इसके बाद ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और वसंतकुंज स्टेशन एलिवेटेड सेक्शन में बनाए जाएंगे।
चारबाग स्टेशन पर बदल सकेंगे मेट्रो कॉरिडोर
इस पूरे कॉरिडोर में चारबाग स्टेशन को बेहद महत्वपूर्ण इंटरचेंज स्टेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा। यहां यात्री नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर से ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की मेट्रो में आसानी से बदल सकेंगे। इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच मेट्रो से यात्रा करना ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा।
चारबाग स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए दोनों तरफ एंट्री और एग्जिट गेट बनाए जाने की योजना है। इसके अलावा ट्रेनों को रूट बदलने और आगे-पीछे करने के लिए क्रॉसओवर की सुविधा भी विकसित की जाएगी। इससे इस स्टेशन पर मेट्रो संचालन को व्यवस्थित रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
5,801 करोड़ रुपये में तैयार होगा पूरा कॉरिडोर
चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाले पूरे ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के निर्माण पर करीब 5,801 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसे वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं अंडरग्राउंड हिस्से के स्टेशनों और संबंधित निर्माण कार्य को करीब तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है।
अंडरग्राउंड रूट के लिए टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। पुराने लखनऊ में जमीन के नीचे मेट्रो के निर्माण के दौरान मौजूदा सड़क, सीवर, रेलवे और अन्य यूटिलिटी नेटवर्क को ध्यान में रखते हुए काम किया जाएगा, जिससे निर्माण के दौरान आसपास के क्षेत्र पर कम से कम असर पड़े।
अमीनाबाद, चौक और सिटी स्टेशन जाने वालों को मिलेगी राहत
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर शुरू होने के बाद पुराने लखनऊ के उन इलाकों के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है, जहां सड़कों पर अक्सर भारी भीड़ और ट्रैफिक रहता है। अमीनाबाद, पाण्डेयगंज, चौक और सिटी रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग खरीदारी, काम, शिक्षा और अन्य जरूरतों के लिए पहुंचते हैं।
मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से इन क्षेत्रों में सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलेगा। यात्रियों को तेज और अपेक्षाकृत सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलने से पुराने लखनऊ के प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होने की उम्मीद है।
पुराने लखनऊ की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया विकल्प
ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर लखनऊ के मौजूदा मेट्रो नेटवर्क को पुराने शहर के प्रमुख हिस्सों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है। चारबाग पर इंटरचेंज की सुविधा मिलने के बाद यात्री शहर के दूसरे हिस्सों से मेट्रो के जरिए पुराने लखनऊ तक पहुंच सकेंगे। करीब 11 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में अंडरग्राउंड और एलिवेटेड दोनों तरह का ट्रैक होने के कारण इसे पुराने शहर की भौगोलिक और मौजूदा बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद अमीनाबाद से चौक तक मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से राजधानी के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को भी विस्तार मिलेगा।