अब उद्योग लगाने की प्रक्रिया होगी बिल्कुल आसान, अब तय समय में मिलेगा लाइसेंस
Udaipur Times, New Delhi : राजधानी में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार जल्द ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल लाने जा रही है। इसके माध्यम से दिल्ली में उद्योग लगाने की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है।
इस बिल के माध्यम से कारोबारियों को उद्योग का लाइसेंस लेने के लिए जगह-जगह नहीं भटकना होगा। प्रत्येक जिले में डीएम की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। डीएम के माध्यम से ही उद्योग के लिए लाइसेंस एवं सभी अनापत्ति पत्र कारोबारी को मिल जाएंगे। इससे कारोबार आसान होगा और लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
दिल्ली सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि राजधानी में उद्योग लगाने के लिए न केवल सरकार से लाइसेंस चाहिए बल्कि विभिन्न विभागों से अनापत्ति पत्र (एनओसी) की आवश्यकता होती है। कारोबार लगाने वाले को डीएम कार्यालय, डीपीसीसीसी (दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति), बिजली, पानी, दमकल विभाग आदि से अनापत्ति पत्र लेने के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं। लाइसेंस लेने की प्रक्रिया बेहद परेशानी वाली होती है, जिसके चलते कई बार कारोबारी उद्योग दिल्ली में लगाने से कतराते हैं। इस समस्या का समाधान करने के लिए दिल्ली सरकार ने प्रक्रिया को बेहद सरल बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल तैयार किया गया है जिसे आने वाले मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में पेश किया जा सकता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बिल में प्रत्येक जिला डीएम को उनके यहां मौजूद औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए लाइसेंस देने की शक्ति होगी। उनकी अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन होगा जिसमें उन विभागों को रखा जाएगा जो अनापत्ति पत्र देते हैं। कारोबारी डीएम कार्यालय में लाइसेंस के लिए आवेदन करेंगे, जिस पर यह कमेटी जांच कर निर्णय लेगी।
तय समय के अंदर अनुमति देना अनिवार्य
कारोबारी को लाइसेंस के लिए आवेदन करने के बाद तय समय के भीतर अनुमति देनी होगी या आपत्ति बतानी होगी। अगर आपत्ति नहीं बताई गई तो कारोबारी को उद्योग के लिए लाइसेंस मिल जाएगा।
दो वर्ष तक नहीं कर सकेंगे बेवजह जांच
सूत्रों ने बताया कि इस बिल में बार-बार उद्योग की जांच नहीं करने की बात भी रखी गई है। लाइसेंस जारी होने के दो साल तक बेवजह उद्योग वाली जगह पर छापेमारी या दस्तावेजों की जांच नहीं की जाएगी।
