अब समय तय करेगा आपके वाहनों की स्पीड ! इस एक्सप्रेसवे पर नए सिस्टम की तैयारी, देखें किस समय कितनी रखनी पड़ेगी स्पीड ?
Udaipur Times, New Time Speed System on Expressway : वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। अब तक सड़कों पर वाहनों के लिए गति सीमा स्थायी रूप से निर्धारित होती है। इसमें पूरे दिन एक ही निर्धारित गति मान्य होती है। उसमें लंबे समय तक बदलाव नहीं होता। लेकिन अब शहरी क्षेत्रों से गुजर रहे एक्सप्रेसवे पर जाम की समस्या और दुर्घटना की आशंका से निपटने के लिए इस परिपाटी से अलग वैरिएबल स्पीड लिमिट लागू करने की तैयारी की जा रही है।
इसमें दिन के अलग-अलग अंतराल पर गति सीमा भिन्न होगी। जिस समय एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव अधिक रहता है, उस समय गति सीमा कम रख कर एक प्वाइंट पर जाम की समस्या से निपटा जाएगा। उसी समय वाहन तेज दौड़ पाएंगे जिस वक्त वाहनों का दबाव कम होगा। इसका व्यवहार्यता अध्ययन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर प्रारंभिक चरण में सराय काले खां से अक्षरधाम के बीच शुरू किया जाएगा। फिर से गाजीपुर बॉर्डर तक विस्तारित किया जाएगा।
केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) 15 अगस्त से इस अध्ययन को शुरू कर सकता है, जो तीन माह चलेगा। सीआरआरआई के मुताबिक ब्रिटेन, अमेरिका और जर्मनी में यह मॉडल सफल रहा है।
सीआरआरआई के विशेषज्ञों ने बताया कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर जुलाई 2024 में दो कार्यदिवस और एक सप्ताहंत यानी तीन दिन तक निगरानी की गई थी। उसमें सामने आया था कि इस पर 80 प्रतिशत दबाव कारों का है।
20 प्रतिशत भारी वाहन व प्रतिबंध के बावजूद दोपहिया वाहन चलते हैं। सुबह 7 बजे से इस पर वाहनों का दबाव बढ़ना शुरू होता है, जो शाम को 7 बजे के बाद ही कम होता है। सुबह के समय गाजियाबाद की ओर से 100 व 70 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से आ रहे वाहन अक्षरधाम मंदिर के पास आकर जाम में अटक जाते हैं। इसी तरह शाम को रिंग रोड से आ रहे वाहनों की लंबी कतार लगती है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर एक्सप्रेसवे पर अध्ययन के लिए समय सीमा अंतराल और परिवर्तनीय गति सीमा का निर्धारण किया गया है।
अध्ययन में देखा जाएगा प्रभाव : संसदीय समिति की संस्तुति पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम के तहत अध्ययन किया जाएगा। विशेषज्ञों ने बताया कि अध्ययन में देखा जाएगा कि वास्तविक स्थिति के अनुसार बदली गति सीमा एक्सप्रेसवे पर जाम कम करने और सड़क सुरक्षा बढ़ाने में कितनी प्रभावी साबित हो सकती है। सकारात्मक परिणाम होने पर इसे स्थायी रूप से लागू करने के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
कैरिजवे पर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए
इस अध्ययन के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर तैयारी शुरू कर दी गई है। इस पर अक्षरधाम मंदिर और पांडव नगर के पास फुटओवर ब्रिज पर दोनों कैरिजवे पर अलग-अलग डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगा दिए गए हैं। इन पर गति सीमा डिस्प्ले होगी। यह बोर्ड एनएचएआई के इस एक्सप्रेसवे के कंट्रोल रूम से जुड़े हैं, जहां से अपने आप इन पर गति सीमा बदल जाएगी। इन बोर्डों के आसपास सेंसर लगाए गए हैं, जिनसे डाटा जुटाया जाएगा। कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। वाहन चालक भ्रमित न हों, इसलिए पुराने बोर्डों पर लिखी गई गति सीमा को छिपा दिया गया है।
इस समय अंतराल पर यह गति सीमा रहेगी
| समय अंतराल | कार | भारी वाहन |
| --- | --- | --- |
| रात 12 बजे से सुबह 7 बजे तक | 65 | 50 |
| सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक | 55 | 45 |
| शाम 5 बजे से रात 12 बजे तक | 60 | 40 |
(सीआरआरआई की ओर से निर्धारित गति सीमा) (किलोमीटर प्रति घंटा)
नहीं होगा चालान
अध्ययन के दौरान परिवर्तनीय गति सीमा का कोई पालन नहीं करता तो उसका चालान नहीं होगा। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान के मुताबिक अध्ययन के बारे में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को सूचित किया जाएगा। चालान को लेकर वही व्यवस्था लागू रहेगी, जो पहले से चली आ रही है।
परिवर्तनीय गति सीमा देश के लिए नया प्रयोग है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर अध्ययन के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे उसकी रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी जाएगी।
-डॉ. चलमुरी रवि शेखर, निदेशक, सीआरआरआई
