अब 120 की जगह 100 KM की स्पीड से दौड़ेगी गाड़ियां, जाने क्यों लिया गया फैसला ?

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अब 120 की जगह 100 KM की स्पीड से दौड़ेगी गाड़ियां, जाने क्यों लिया गया फैसला ?

Udaipur Times, Speed limit on all expressways : उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) उत्तर प्रदेश के सभी एक्सप्रेसवे पर गति सीमा को 120 KM/घंटा से घटाकर 100 KM/घंटा करने जा रहा है। इसके अलावा, पेट्रोलिंग टीमों की संख्या बढ़ाई जाएगी और पार्किंग की अतिरिक्त सुविधाएं दी जाएंगी। ये कदम, अन्य कई उपायों के साथ, नवंबर से लागू हो जाएंगे।

एक्सप्रेसवे पर होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लिया गया फैसला

यह फैसला एक्सप्रेसवे पर होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने के लिए लिया गया है। UPEIDA अपने सभी सात एक्सप्रेसवे पर निगरानी प्रणाली को और मजबूत करेगा। अभी हर 50 KM पर एक पेट्रोलिंग टीम तैनात है; अब इसे बदलकर हर 40 KM पर एक टीम कर दिया जाएगा। चूंकि रात के समय होने वाली कई दुर्घटनाओं का कारण ड्राइवरों का गाड़ी चलाते समय सो जाना होता है, इसलिए अतिरिक्त सुविधा केंद्र (amenity centers) बनाने की योजना है और इनके लिए उपयुक्त जगहों की पहचान की जा रही है। 

अभी पार्किंग क्षेत्रों के बीच कोई तय दूरी नहीं है; उदाहरण के लिए, आगरा एक्सप्रेसवे पर दो स्टॉप के बीच 100 KM की दूरी है, जिसका मतलब है कि ड्राइवरों को इतने लंबे रास्ते तक लगातार गाड़ी चलानी पड़ती है।

फॉग लाइट्स लगाने की व्यवस्था की जाएगी

गंगा एक्सप्रेसवे पर पार्किंग क्षेत्रों के बीच 66 KM की दूरी है, जबकि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर यह 70 KM है। इसे देखते हुए, औसतन हर 50 KM के अंतराल पर पार्किंग की अतिरिक्त सुविधाएं दी जाएंगी। ये इंतजाम सर्दियों और कोहरे के मौसम को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं। 

ये फैसले औद्योगिक बुनियादी ढांचा आयुक्त (Industrial Infrastructure Commissioner) दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में लिए गए। घने कोहरे के दौरान दृश्यता (visibility) बनी रहे और दुर्घटनाएं न हों, इसके लिए फॉग लाइट्स लगाने की व्यवस्था की जाएगी। 

एक्सप्रेसवे पर मौसम सेंसर वाले अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए जाएंगे

इसके अलावा, एक्सप्रेसवे पर मौसम सेंसर वाले अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए जाएंगे, ताकि ड्राइवरों को आगे की दृश्यता की स्थिति के बारे में जानकारी मिलती रहे। उन जगहों की भी पहचान की जा रही है जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं; इन जगहों पर पेट्रोलिंग टीमें ड्राइवरों का अल्कोहल टेस्ट करेंगी, ताकि 'शराब पीकर गाड़ी चलाने' (drunk and drive) की घटनाओं को रोका जा सके।

राजमार्गों पर बेहतर सुरक्षा: उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, जिनका मकसद कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है। नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों के पास पर्याप्त संख्या में पेट्रोलिंग वाहन, एम्बुलेंस और बचाव दल तैनात किए जाएंगे। राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर ने संबंधित विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे सभी जरूरी इंतजाम समय रहते पूरे कर लें।

गंगा एक्सप्रेसवे पर हादसे में महिला की मौत

इस बीच, संभल के कैलादेवी थाना क्षेत्र में शनिवार देर शाम गंगा एक्सप्रेसवे पर एक अज्ञात वाहन की टक्कर से 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई। वह खेतों में काम करने के बाद पैदल अपने घर लौट रही थी। हादसे की खबर से उसका परिवार सदमे में है। मृतका राजवती (45), जो भटोला गांव की रहने वाली थी और रणवीर की पत्नी थी, शनिवार शाम खेतों में धान की कटाई-मड़ाई के बाद घर लौट रही थी। 

अपने गांव जाने के लिए अंडरपास का इस्तेमाल करने के बजाय, वह खेतों की तरफ से सीधे गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ गई। उसी समय, वहां से गुजर रहे एक अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।

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