अब हाईवे पर सफर करते हुए आप भी कमा सकते हैं हजारों रुपये, बस करना होगा ये छोटा सा काम

 | 
अब हाईवे पर सफर करते हुए आप भी कमा सकते हैं हजारों रुपये, बस करना होगा ये छोटा सा काम  

Udaipur Times, traveling on the highway : NHAI ने देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल हाईवे) का उपयोग करने वाले यात्रियों के सफर के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए एक बहुत ही उपयोगी और दिलचस्प पहल शुरू की है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सरकार के 'विशेष अभियान 5.0' (Special Campaign 5.0) के तहत 'क्लीन टॉयलेट पिक्चर चैलेंज' (Clean Toilet Picture Challenge) शुरू किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने शौचालयों में साफ-सफाई और स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाना है। इसके अलावा, इसमें 1,000 रुपये का इनाम भी दिया जा रहा है।

आप यह इनाम कैसे पा सकते हैं?

इस योजना के तहत, यदि आप राजमार्ग पर यात्रा करते समय किसी टोल प्लाजा या NHAI के अंतर्गत आने वाली किसी भी जगह पर कोई गंदा या अस्वच्छ शौचालय देखते हैं, तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए यात्रियों को 'राजमार्ग यात्रा' (Rajmarg Yatra) ऐप के लेटेस्ट वर्ज़न का उपयोग करना होगा।

इस ऐप के जरिए, आपको उस गंदे शौचालय की एक ऐसी फोटो अपलोड करनी होगी जिसमें लोकेशन (geo-tagged) और समय (time-stamped) दर्ज हो। साथ ही, आपको अपना नाम, लोकेशन, मोबाइल नंबर और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर जैसी जरूरी जानकारी भी देनी होगी। अगर शिकायत सही पाई जाती है, तो शिकायतकर्ता को 1,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। 

यह राशि उनके गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़े FASTag अकाउंट में रिचार्ज के रूप में जमा कर दी जाएगी। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह इनाम किसी और को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता और न ही इसे कैश के रूप में लिया जा सकता है। यह पहल 31 अक्टूबर 2025 तक भारत के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू रहेगी।

महत्वपूर्ण नियम और शर्तें

यह योजना केवल उन शौचालयों पर लागू होती है जो सीधे NHAI के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, या जिन्हें NHAI द्वारा बनाया, संचालित और मेंटेन किया जाता है। पेट्रोल पंप, सड़क किनारे बने ढाबों या NHAI के नियंत्रण से बाहर की अन्य जगहों पर मौजूद शौचालय इस पहल के दायरे में नहीं आते हैं। इसके अलावा, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कुछ कड़े नियम भी तय किए गए हैं:

इस पूरे अभियान के दौरान, गाड़ी के हर रजिस्ट्रेशन नंबर पर केवल एक बार ही इनाम दिया जाएगा। किसी एक शौचालय सुविधा के लिए, एक दिन के भीतर भेजी गई केवल पहली वैध रिपोर्ट ही स्वीकार की जाएगी। यदि एक ही दिन में एक ही जगह के लिए कई रिपोर्टें आती हैं, तो केवल सबसे पहले भेजी गई तस्वीर पर ही विचार किया जाएगा।

तस्वीरें स्पष्ट होनी चाहिए और उनमें जियो-टैग (geo-tags) तथा टाइम-स्टैम्प (time-stamps) दोनों होने चाहिए। कोई भी डुप्लिकेट, एडिट की गई या पुरानी तस्वीर स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी रिपोर्टों की जांच AI-आधारित स्क्रीनिंग के जरिए की जाएगी, और जहां जरूरत होगी, वहां मैन्युअल सत्यापन (manual verification) भी किया जाएगा।

यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की एक पहल

यह अभियान राजमार्गों पर यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने की एक व्यापक कोशिश का हिस्सा है। इस पहल में अन्य उपायों के तहत सड़कों के गड्ढों की तुरंत मरम्मत, टोल प्लाजा पर शौचालयों की नियमित सफाई, सड़क सुरक्षा संकेतों को बेहतर बनाना, फ्लाईओवर का सौंदर्यीकरण और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे से अतिक्रमण हटाना शामिल है।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News