नर्स भी बचा सकती है नशे से
कोठारी मेटरनिटी एवं आई हॉस्पीटल में नशा निवारण में लगे चिकित्सक डॉ. पी.सी. जैन ने अपने लेपटॉप पर उपस्थित नर्सिंग स्टॉफ को बताया कि वे भी किस तरह समाज, परिवार, पडोस व परिजनों, मरीजों में नशें को जल्दी पहचान सकते है। ताकि जिस तरह हर बिमारी को प्रारंभिक अवस्था में पता लगने पर उसका इलाज भी जल्दी हो सकता है। उसी तरह नशा ‘आदत’ से ‘लत’ पर पहुचने से पहले ही छुडाया जा सकता है।
कोठारी मेटरनिटी एवं आई हॉस्पीटल में नशा निवारण में लगे चिकित्सक डॉ. पी.सी. जैन ने अपने लेपटॉप पर उपस्थित नर्सिंग स्टॉफ को बताया कि वे भी किस तरह समाज, परिवार, पडोस व परिजनों, मरीजों में नशें को जल्दी पहचान सकते है। ताकि जिस तरह हर बिमारी को प्रारंभिक अवस्था में पता लगने पर उसका इलाज भी जल्दी हो सकता है। उसी तरह नशा ‘आदत’ से ‘लत’ पर पहुचने से पहले ही छुडाया जा सकता है।
कई सजीव उदाहरण बताते हुए उन्होंने हर नर्सिंग स्टाफ से ‘केज’ टेस्ट तथा ‘फाइव ए’ टेस्ट कर नशे छुडाने की प्रेरणा देने को कहा ताकि बढती दुर्घटनाओं पर भी नियंत्रण हो सके।
सभी ने इस अभियान मे जुडने हेतु नशा निवारण रजिस्टर में हस्ताक्षर कर शपथ ली। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल कोठारी ने भी इसे प्रेरणास्पद कदम बताया ।
