कलयुग मे भगवान का सतत् ध्यान कर लेना ही प्रभु प्राप्ति – बावाश्री
वैश्य महासममेलन द्वारा आरएमवी ग्राउंड के श्रीमयी कृष्णधाम मे चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक बडौदा कामवन के हरिराय बावाश्री ने व्यास पीठ से दूसरे दिन की कथा मे महाभारत युद्ध मे कृष्ण की नीति, बाणों की शय़ा पर लेटे भीष्म पितामाह से श्रीकृष्ण का मिलने जाना, ब्रम्ह द्वारा सृष्टि की रचना, पांडवों को मोक्ष की प्राप्ति, राजा परिक्षित को राज्य सौंपना और कलयुग के वर्णन के साथ ही वेदों का वर्णन किया।
वैश्य महासममेलन द्वारा आरएमवी ग्राउंड के श्रीमयी कृष्णधाम मे चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक बडौदा कामवन के हरिराय बावाश्री ने व्यास पीठ से दूसरे दिन की कथा मे महाभारत युद्ध मे कृष्ण की नीति, बाणों की शय़ा पर लेटे भीष्म पितामाह से श्रीकृष्ण का मिलने जाना, ब्रम्ह द्वारा सृष्टि की रचना, पांडवों को मोक्ष की प्राप्ति, राजा परिक्षित को राज्य सौंपना और कलयुग के वर्णन के साथ ही वेदों का वर्णन किया।
