टेलीविजन पर ओलंपियन मनु भाकर को शूटिंग करते देखकर बनी निशानेबाज, 14 साल की उम्र में चैंपियन बनकर परिवार का नाम किया रौशन
Shooter Ayushi: टेलीविजन पर ओलंपियन मनु भाकर को शूटिंग करते देखकर, एक युवा लड़की ने खुद भी एक निशानेबाज बनने का सपना देखा। चार साल की लगातार प्रैक्टिस और कड़ी मेहनत के बाद, 14 साल की आयुषी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी काबिलियत साबित कर दी है। रावलवास खुर्द गांव की रहने वाली आयुषी ने देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित 35वीं ऑल इंडिया जी.वी. मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) जीतकर हिसार का नाम रोशन किया है। उसने 10 मीटर एयर पिस्टल (सब-यूथ महिला व्यक्तिगत श्रेणी) में 375.8 के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया।
यह प्रतियोगिता 23 अक्टूबर से 2 नवंबर तक देहरादून के रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के त्रिशूल शूटिंग रेंज में आयोजित की गई थी। इस प्रतियोगिता में देश भर के निशानेबाजों ने हिस्सा लिया। बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन करते हुए, आयुषी ने चार सीरीज में क्रमशः 95, 94, 92 और 94 अंक हासिल किए और कुल 375.8 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
मनु भाकर से मिली प्रेरणा
आयुषी ने बताया कि लगभग चार साल पहले उसने टेलीविजन पर ओलंपियन मनु भाकर को शूटिंग करते देखा था। मनु भाकर के प्रदर्शन से प्रभावित होकर, उसने भी इस खेल को अपनाने का फैसला किया और अपनी ट्रेनिंग शुरू कर दी। शूटिंग की बुनियादी बातें और बारीकियां सीखने के बाद, उसने कोच संजय मलिक के मार्गदर्शन में अपना प्रशिक्षण जारी रखा। लगातार कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर, उसने अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया है।
‘खेल महाकुंभ’ में भी जीता रजत पदक
आयुषी ने इससे पहले भी कई मौकों पर अपनी प्रतिभा दिखाई है। पिछले महीने उसने ‘खेल महाकुंभ’ में रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीता था। इसके अलावा, उसने पश्चिम बंगाल में आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में पांचवां स्थान हासिल किया और इस साल की शुरुआत में ‘स्कूल गेम्स’ में चौथा स्थान प्राप्त किया। अपने लगातार शानदार प्रदर्शन की बदौलत, आयुषी शूटिंग की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाने लगी है।
गांव के किसान विनोद मोनू सिहाग की बेटी
आयुषी रावलवास खुर्द गांव के किसान विनोद मोनू सिहाग की बेटी है। वह राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नौवीं कक्षा की छात्रा है। उसका एक छोटा भाई भी है, जो क्रिकेट खिलाड़ी है। अपनी पढ़ाई के साथ-साथ, आयुषी नियमित रूप से शूटिंग का अभ्यास भी करती है। इस उपलब्धि पर विधायक चंद्र प्रकाश, गांव के सरपंच राजेश झाझरिया, ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने आयुषी और उसके परिवार को बधाई दी। ग्रामीणों ने कहा कि अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर, आयुषी ने न केवल अपने गांव का, बल्कि पूरे हिसार जिले का मान बढ़ाया है।