On-Grid या Off-Grid ? सोलर लगवाने से पहले जान लें कौन-सा सिस्टम लगवाना रहेगा ज्यादा फायदेमंद

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On-Grid या Off-Grid ? सोलर लगवाने से पहले जान लें कौन-सा सिस्टम लगवाना रहेगा ज्यादा फायदेमंद  

On Grid VS Off Grid Solar System: बढ़ती बिजली की कीमतों और गर्मी के कारण अब बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की छत पर सोलर सिस्टम लगवा रहे हैं। हालांकि सोलर पैनल लगाने से पहले सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि On-Grid सोलर सिस्टम लगवाया जाए या Off-Grid। दोनों सिस्टम के अपने-अपने फायदे हैं और सही विकल्प आपके इलाके की बिजली व्यवस्था व जरूरतों पर निर्भर करता है।

क्या है On-Grid सोलर सिस्टम?

ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम सीधे सरकारी बिजली ग्रिड से जुड़ा होता है। दिन में सोलर पैनल से बनने वाली बिजली से घर के उपकरण चलते हैं। यदि जरूरत से ज्यादा बिजली बनती है, तो वह नेट मीटरिंग के जरिए ग्रिड में चली जाती है। इसके बदले उपभोक्ता को बिजली बिल में समायोजन का लाभ मिलता है। रात में या धूप न होने पर घर को बिजली ग्रिड से मिलती रहती है।

इस सिस्टम में बैटरी की जरूरत नहीं होती, इसलिए इसकी शुरुआती लागत कम होती है। सबसे बड़ी बात यह है कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत इसी सिस्टम पर सरकार 78,000 रुपये तक की सब्सिडी देती है। कई राज्यों में अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ भी मिलता है।

क्या है Off-Grid सोलर सिस्टम?

ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम पूरी तरह बैटरी बैकअप पर आधारित होता है और इसका सरकारी बिजली ग्रिड से कोई संबंध नहीं होता। दिन में सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त बिजली बैटरी में स्टोर होती है, जिसका उपयोग रात में या बिजली कटने के दौरान किया जाता है।

यह सिस्टम उन इलाकों के लिए बेहतर माना जाता है, जहां लंबे समय तक बिजली कटौती होती है या ग्रिड की सुविधा उपलब्ध नहीं है। हालांकि बैटरी के कारण इसकी लागत काफी अधिक होती है और समय-समय पर बैटरी बदलने का अतिरिक्त खर्च भी आता है। आमतौर पर इस सिस्टम पर सरकारी सब्सिडी नहीं मिलती।

किसे चुनना रहेगा बेहतर?

यदि आपके इलाके में बिजली की कटौती बहुत कम होती है और आप बिजली का बिल कम करना चाहते हैं, तो On-Grid सोलर सिस्टम सबसे अच्छा विकल्प है। इसमें कम खर्च, सरकारी सब्सिडी और नेट मीटरिंग का लाभ मिलता है।

वहीं, यदि आपके यहां अक्सर कई घंटों तक बिजली गुल रहती है और आपको लगातार पावर बैकअप की जरूरत होती है, तो Off-Grid सोलर सिस्टम अधिक उपयोगी रहेगा। हालांकि इसके लिए आपको अधिक निवेश करना होगा।

अगर आप सब्सिडी के साथ बैकअप भी चाहते हैं, तो Hybrid Solar System भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें ग्रिड कनेक्शन के साथ बैटरी बैकअप की सुविधा भी मिलती है, हालांकि इसकी कीमत सामान्य ऑन-ग्रिड सिस्टम से अधिक होती है।

सोलर सिस्टम चुनने से पहले अपने इलाके में बिजली की उपलब्धता, बजट और बिजली की खपत का आकलन जरूर करें। सही विकल्प चुनने से न केवल बिजली का बिल कम होगा, बल्कि लंबे समय तक बेहतर बचत भी होगी।

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