एक दिन यही प्रकृति हमारी अगली पीढ़ी का पोषण करेगी- सुनील दुग्गल
प्रकृति के हमेशा दो पहलू होते है एक महत्व और दूसरा उसकी शक्ति, हमे हमेशा प्रकृति की शक्ति के पहलू को भी ध्यान मेें रखना चाहिए। क्योकि प्रकृति को हमारी दया की आवश्यकता नहीं है ये बात हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक काॅलोनी में कर्मचारियो
प्रकृति के हमेशा दो पहलू होते है एक महत्व और दूसरा उसकी शक्ति, हमे हमेशा प्रकृति की शक्ति के पहलू को भी ध्यान मेें रखना चाहिए। क्योकि प्रकृति को हमारी दया की आवश्यकता नहीं है ये बात हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक काॅलोनी में कर्मचारियों और उनके परिवारजनो को संबोेधित करते हुए कही।
श्री दुग्गल ने कहा कि प्रकृति की अनदेखी के बजाय वे उसके संरक्षण के बारे में अधिक चिंतित है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रत्येक व्यक्ति उर्जा,पानी और पर्यावरण के सरंक्षण के प्रति संकल्पित है लेकिन हमें चाहिये कि हम पर्यावरण के प्रति जीवन की घटती गुणवत्ता को समझे जो कि हमारे जीवन की गुणवत्ता को सीधे प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रकृति में हमें पोषित करने की शक्ति है तो हममें भी उसके संरक्षण की शक्ति है। यदि हम इस कसौटी पर खरे उतरते है तो निश्चित तौर पर एक दिन यही प्रकृति हमारी अगली पीढ़ी का पोषण करेगी।
इस अवसर पर जिंक काॅलोनी में मुख्य अतिथि सुनील दुग्गल, पर्यावरण प्रमुख वी जयरमन, सीएसआर प्रमुख नीलीमा खेतान, उपवित्त प्रमुख सोनल श्रीवास्तव, ईकाई प्रमुख अखिलेश शुक्ला सहित प्रत्यके परिवार जन ने वृक्षारोपण कर प्रत्यके दिन पर्यावरण सरंक्षण का संकल्प लिया। जिंक काॅलोनी स्थित बर्ड पार्क में कर्मचारियों के बच्चों द्वारा पर्यावरण सरंक्षण के प्रति जागरूकता हेतु बनायी गयी पेंटिंग का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर सभी अतिथियों ने कम्पोस्ट पीट का उद्घाटन किया, कम्पोस्ट पीट पौधो और वर्मी कम्पोस्ट खाद का प्रयोग जिंक काॅलोनी एवं कार्यालय परिसर के पौधो के लिये किया जाएगा।
