महिला सुरक्षा विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
महिला अधिकारिता विभाग ने टीआरआई में महिला सुरक्षा विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कियाए जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शिरकत की।

महिला अधिकारिता विभाग ने टीआरआई में महिला सुरक्षा विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कियाए जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शिरकत की।
मुख्य अतिथि जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती नेहा गिरी ने बताया कि यदि किसी महिला के साथ कोई घटना घटित हो तो वें बिना डर व शर्मा के उसे अवश्य ही दर्ज कराएंे। बेटों की परवरिश का तरीका बदलना होगा।
उन्होंने कहा कि समाज अपना देखने का नजरिया बदले ना कि महिलाओं को दोष दें कि उन्होंने उचित कपड़े नहीं पहने है। हम जो कहें उसे आचरण में भी उतारें स्वयं की संकीर्ण सोच को बदलना होगा। कानून सभी के लिए एक समान है चाहे व्यक्ति किसी भी पद पर आसीन हो किन्तु कानून का उपयोग सकारात्मक सोच के साथ हो ना कि अपने व्यक्तिगत स्वार्थ पूरा करने केे लिए।
राज्यपाल की पूर्व सलाहकार श्रीमती अल्पना जैन ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 की जानकारी दी। आपने बताया कि ऐसे कृत्य शुरूआत में ही रोकने होंगे। महिला को स्वयं आगे आना होगा।साथ ही सभी सहकर्मियों एवं नियोक्ता का यह कर्तव्य होगा कि इसके खिलाफ कदम उठाएंे।
गृहविज्ञान महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डॉ गायत्री तिवारी ने कहा कि आज महिलाओं के प्रति समाज एवं स्वयं महिला कि सोच भी बदली है। साथ ही आज उसका दायरा भी बढ़ गया है पहले कि महिला का आँगन बड़ा था आज की महिला का आकाश बड़ा है। उन्होंने कहा कि विवाह के समय बेटों को भी जिम्मेदारी का अहसास करायें। महिला सलाह सुरक्षा केन्द्र से सलाहकार श्रीमती ज्योत्सना एवं श्रीमती शिल्पा जैन ने घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के अन्तर्गत महिलाओं के लिए राहत के प्रावधान से अवगत कराया।
कार्यक्रम अधिकारी महिला अधिकारिताए श्रीमती रश्मि कौशिश ने सभी महिलाओं से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने का आग्रह किया चूंकि तभी महिला समाज तथा घर के बड़े निर्णयों में निर्णयात्मक भूमिका निभा पाने में सक्षम होगी तथा समाज में स्थिति में सुधार शिक्षा तथा आत्मनिर्भरता से ही आएगा।
