सुपारी खाने से हुए बंद मुँह को खोला
गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, उदयपुर के वरिष्ठ बर्न एवं प्लास्टिक सर्जन डॉ आशुतोष सोनी ने 18 अक्टूबर को 22 वर्षीया महिला के लंबे समय से बंद मुँह को प्लास्टिक सर्जरी से खोल कर उपचार किया । डॉ आशुतोष सोनी के साथ डॉ ज्योति, निश्चेतना विभाग के डॉ अल्का एवं डॉ शेरीन इस दल में सम्मलित थे ।
गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, उदयपुर के वरिष्ठ बर्न एवं प्लास्टिक सर्जन डॉ आशुतोष सोनी ने 18 अक्टूबर को 22 वर्षीया महिला के लंबे समय से बंद मुँह को प्लास्टिक सर्जरी से खोल कर उपचार किया । डॉ आशुतोष सोनी के साथ डॉ ज्योति, निश्चेतना विभाग के डॉ अल्का एवं डॉ शेरीन इस दल में सम्मलित थे । डॉ आशुतोष सोनी ने बताया कि चितौड़गढ़ निवासी मीना जाट (उम्र 22 वर्ष) काफी समय से मुँह का पूरी तरह से न खुल पाने से परेशान थी जिसके कारण वह केवल तरल पदार्थ ही ले पा रही थी । गीतांजली हॉस्पिटल में परामर्श एवं जांचों में पाया गया कि रोगी को ’ओरल सब-म्यूकस फाईब्रोसिस’ है। इसके बाद रोगी की एक ही स्टेज में करेक्टिव प्लास्टिक सर्जरी की गई जिसमें लगभग तीन घंटे का समय लगा । इस करेक्टिव प्लास्टिक सर्जरी को फ्लेप सर्जरी कहते है। आमतौर पर इस बिमारी का उपचार चीरा लगा कर किया जाता है पर उससे इस बिमारी के दुबारा होने की संभावना होती है परन्तु प्लास्टिक सर्जरी द्वारा उपचार से यह बिमारी पुनः होने की संभावना अत्यंत कम होती है। डॉ सोनी ने बताया कि ऑपरेशन से पूर्व रोगी अपना मुँह 1 सेंटीमिटर ही खोल पाती थी परन्तु अब ऑपरेशन के बाद करीब 5 सेंटीमिटर तक खोल पा रही है। रोगी अब तक केवल तरल आहार ही ले पा रही थी पर अब सर्जरी के बाद वह खाना भी आराम से खा पा रही है। क्या है ओरल सब-म्यूकस फाईब्रोसिस? ओरल सब-म्यूकस फाईब्रोसिस नामक बिमारी सुपारी का नियमित रुप से सेवन करने से होती है। यदि इसका इलाज सही समय पर ना हो तो कुछ 5 प्रतिशत में यह कैंसर का रुप भी ले सकती है । इस बिमारी का इलाज अन्य विशेषज्ञों द्वारा भी किया जाता है पर उससे दुबारा यह बिमारी होने की संभावना रहती है पर प्लास्टिक सर्जरी के उपचार से दुबारा इस रोग की संभावना अत्यंत कम हो जाती है यदि रोगी सुपारी इत्यादि व्यसनों का उपयोग आगे भी न करें तो । क्या होती है फ्लेप सर्जरी? फ्लेप सर्जरी प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण सर्जरी की ही एक तकनीक है जिसमें किसी भी प्रकार के ऊतक को एक निरंतर रक्त की आपूर्ति के साथ आवश्यक स्थान पर प्रत्यारोपित करने के लिए लिया जाता है। इस रोगी में चेहरे पर से ऊतक को लेकर मुँह के अंदर प्रत्यारोपित किया गया।
