सहकारी उपभोक्ता भण्डार से दवा प्राप्त करने की जटिल प्रक्रिया का विरोध

सेठ ने कहा कि यह प्रक्रिया अशक्त, अति वृद्ध व अकेले रह रहे पेंशनर्स के लिये बहुत पीड़ा दायक होगी। पेंशनर्स को प्रक्रिया में मानसिक व आर्थिक नुकसान व बिना बात कागजी कार्यवाही करनी पड़ेगी, जिससे स्टेशनरी की भी हानि होगी।
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अब तक पेंशनर्स को चिकित्सक के परामर्श पर आसानी से दवा प्राप्त हो जाती थी लेकिन अब सरकार ने कोई भी सहयोगी दवा प्राप्त करता है, तो हर बार पेंशनर्स से अधिकृत पत्र, हस्ताक्षर का प्रमाणीकरण डायरी के प्रथम पृष्ठ व दवाई लिखे पेज की प्रति साथ में ले जाने की अनिवार्यता कर दी।

उदयपुर। राजस्थान पेंशनर समाज ने राज्य सरकार द्वारा पेंशनरों को सहकारी उपभोक्ता भण्डार से दवा प्राप्त की प्रक्रिया को जटिल बनाने का घोर विरोध किया है। 

समाज के अध्यक्ष भंवर सेठ ने बताया कि अब तक पेंशनर्स को चिकित्सक के परामर्श पर आसानी से दवा प्राप्त हो जाती थी लेकिन अब सरकार ने कोई भी सहयोगी दवा प्राप्त करता है, तो हर बार पेंशनर्स से अधिकृत पत्र, हस्ताक्षर का प्रमाणीकरण डायरी के प्रथम पृष्ठ व दवाई लिखे पेज की प्रति साथ में ले जाने की अनिवार्यता कर दी।

सेठ ने कहा कि यह प्रक्रिया अशक्त, अति वृद्ध व अकेले रह रहे पेंशनर्स के लिये बहुत पीड़ा दायक होगी। पेंशनर्स को प्रक्रिया में मानसिक व आर्थिक नुकसान व बिना बात कागजी कार्यवाही करनी पड़ेगी, जिससे स्टेशनरी की भी हानि होगी।

सेठ ने राज्य सरकार से अवलिम्ब 5 प्रतिशत मंहगाई भत्ते की घोषणा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि बेतहाशा मांहगाई बढ़ने, बैंक ब्याज दर कम होने से पेंशनर्स को भारी महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि वे बुजुर्गो की परेशानियों को बढ़ानें के बजाय कम करें। सेठ ने अभी हाल ही में मान्यता प्राप्त हाॅस्पीटल्स की मान्यता तिथि केा नहीं बढ़़ाने पर भी चिन्ता प्रकट की।

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