माईनिंग से सम्बन्धित मुद्दों पर परिचर्चात्मक बैठक का आयोजन
‘‘जीएसटी माल की सप्लाई पर लगने वाला टैक्स है। अतः मार्बल प्रोसेसिंग के दौरान निकलने वाली मार्बल स्लरी के डम्पिंग यार्ड में निस्तारण पर भी 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लागू होगा।’’ उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा अपरान्ह 4 बजे यूसीसीआई भवन के अरावली सभागार में माईनिंग से सम्बन्धित मुद्दों पर एक परिचर्चात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता यूसीसीआई के संरक्षक श्री अरविन्द सिंघल ने की। बैठक में मिनरल उत्खनन एवं प्रसंस्करण से जुड़े 75 उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
‘‘जीएसटी माल की सप्लाई पर लगने वाला टैक्स है। अतः मार्बल प्रोसेसिंग के दौरान निकलने वाली मार्बल स्लरी के डम्पिंग यार्ड में निस्तारण पर भी 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लागू होगा।’’ उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा अपरान्ह 4 बजे यूसीसीआई भवन के अरावली सभागार में माईनिंग से सम्बन्धित मुद्दों पर एक परिचर्चात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता यूसीसीआई के संरक्षक श्री अरविन्द सिंघल ने की। बैठक में मिनरल उत्खनन एवं प्रसंस्करण से जुड़े 75 उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
संरक्षक श्री अरविन्द सिंघल ने अपने समबोधन में आने वाले समय में माईनिंग से सम्बन्धित समस्याओं का समाधान प्राप्त करने के लिये संगठित होकर प्रयास करने का माईनिंग उद्यमीयों से आव्हान किया। यूसीसीआई की माईनिंग सब कमेटी के चेयरमेन पूर्वाध्यक्ष श्री एम.एल. लूणावत ने दिनांक 1 जुलाई 2017 से लागू होने जा रही जीएसटी कर प्रणाली के तहत मिनरल उत्खनन एवं प्रसंस्करण पर पड़ने वाले प्रभाव की विवेचना की। बैठक के दौरान माईनिंग से सम्बन्धित मुद्दों एवं अदालती प्रकरणों के लिये लीगल सेल हेतु फंड जुटाने पर भी चर्चा की गई।
अध्यक्ष श्री हंसराज चौधरी ने बताया कि यूसीसीआई की सदस्य सभी एसोसिएशन के सदस्यों को ई-मेल एवं एसएमएस के माध्यम से व्यापारिक सूचनाएं उपलब्ध कराई जायेगी। दिनांक 15 जुलाई से सदस्य संगठनों के अकाउन्टेन्ट तथा फ्रेशर्स को जीएसटी कर प्रणाली के संदर्भ में प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु यूसीसीआई में डेढ़ माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ किया जा रहा है। यूसीसीआई मंे जीएसटी हेल्प डेस्क के तहत विशेषज्ञों की सेवाएं प्राप्त की जा रही है। यूसीसीआई की ई-मेल आईडी पर जीएसटी से सम्बन्धित किसी भी प्रकार की शंका अथवा जिज्ञासा का समाधान यूसीसीआई उसका 48 घंटे के भीतर समाधान उपलब्ध करायेगी।
बैठक के दौरान निम्न बिन्दुओं पर चर्चा हुई:
(1) सरकार द्वारा डेड रेन्ट 2000 रूपये से बढ़ाकर 30 हजार रूपये कर दिया गया था। यूसीसीआई द्वारा किये गये प्रयासो के परिणामस्वरूप अब दिनांक 31 अगस्त 2017 तक डेड रेन्ट की दर 2000 रूपये ही रहेगी तथा उसके बाद 1 सितम्बर 2017 से 4 हजार रूपये की दर से लागू होगा। सरकार द्वारा इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी गई है।
(2) खनन रॉयल्टी पर सर्विस टैक्स लगाने के आदेश के खिलाफ यूसीसीआई द्वारा न्यायालय में दायर वाद करने पर कोर्ट द्वारा स्टे प्रदान किया गया है।
(3) जीएसटी कर प्रणाली के तहत चालान अथवा परफोरमा इनवॉइस जैसी कोई चीज नहीं रहेगी। माल के साथ इनवॉइस भेजना जरूरी होगा।
(4) खरीददार द्वारा माल स्वीकार नहीं करने की स्थिति में क्रेडिट नोट के माध्यम से सेट ऑफ लिया जा सकेगा।
(5) शहर में 3 – 4 दिन नेट बन्द रहने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन द्वारा रिटर्न फाईलिंग की दिनांक आगे बढ़ाने हेतु निर्णय लिया जा सके।
(6) 50 हजार रूपये से कम राशि के कन्साईन्मेंट के साथ भी इनवॉइस भेजना जरूरी है।
(7) ट्रांस्पोर्टेशन कोस्ट पर भी जीएसटी लागू होगा। डेढ़ करोड़़ रूपये से कम की सेल वाले विक्रेता के लिये एसेसरी लगाना आवश्यक नहीं है।
(8) बिजनेस के लिये जरूरी उपकरणों पर शत प्रतिशत क्रेडिट मिलेगा।
