गिट्स में भौगोलिक सूचना प्रणाली व रिमोट सेन्सिंग पर कार्यशाला का आयेजन

गीतांजली इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नीकल स्टडीज, डबोक, उदयपुर में भौगोलिक सूचना प्रणाली व रिमोट सेन्सिंग पर सिविल इन्जिनियरिंग विभाग के तत्वाधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

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गिट्स में भौगोलिक सूचना प्रणाली व रिमोट सेन्सिंग पर कार्यशाला का आयेजन

गीतांजली इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नीकल स्टडीज, डबोक, उदयपुर में भौगोलिक सूचना प्रणाली व रिमोट सेन्सिंग पर सिविल इन्जिनियरिंग विभाग के तत्वाधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि वैभव कुमार गंगानी (टेक्नीकल एक्जीक्यूटिव स्कैन पोइंट जियो मेटिक्स लिमिटेड अहमदाबाद) ने विद्यार्थियों व फेकल्टी मेम्बर्स को सम्बोधित करते हुए कहा कि तकनीकी का विकास मानव जीवन के उद्धार के लिए होना चाहिए । साथ ही कहा कि स्मार्ट सिटी के विकास में हम हर चरण में भौगोलिक सूचना प्रणाली व रिमोट सेन्सिंग तकनीकी का प्रयोग कर सकते हैं।

गिट्स डायरेक्टर डाॅ. विकास मिश्र ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उदे्श्य गीतांजली परिवार को भौगोलिक सूचना प्रणाली व रिमोट सेन्सिंग के बारे में अवगत कराना था जिससे वे अपना योगदान गिट्स के बाहर भी समाज को आगे बढाने में कर सकें।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए सिविल इन्जिनियरिंग के विभागाध्यक्ष डाॅ. मनीष वर्मा ने कहा कि सिविल इन्जिनियरिंग परियोजनाओं में भौगोलिक शिक्षा प्रणाली व रिमोट सेन्सिंग तकनीक सम्भावित और अपरिहार्य टूल बन सकती हैं इसका उपयोग हम साइट की जांच भूभाग मानचित्रण व विश्लेषण जल संसाधन इन्जिनियरिंग नगर नियोजन और शहरी बुनियादी ढांच के विकास, परिवहन क्षेत्र के विशलेषण व भूस्खलन आदि के विश्लेषण में कर सकते हैं।

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