सामाजिकता को खत्म कर रहा है मोबाईल व इन्टरनेट का अतिप्रयोग
युवा वर्ग में मोबाईल एवं सोषल साइट्स के उपयोग की लत बढ़ी ही है, बुजुर्ग भी इससे अछूता नहीं है। इनके अति प्रयोग से शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक तकलीफे बढ़ रही है। ऐसा होना विज्ञान एवं तकनीकी के सर्वहित, सर्व विकास के मूल उद्देष्यों के विपरित है।
युवा वर्ग में मोबाईल एवं सोषल साइट्स के उपयोग की लत बढ़ी ही है, बुजुर्ग भी इससे अछूता नहीं है। इनके अति प्रयोग से शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक तकलीफे बढ़ रही है। ऐसा होना विज्ञान एवं तकनीकी के सर्वहित, सर्व विकास के मूल उद्देष्यों के विपरित है।
यह विचार विद्या भवन पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में “अभियंता दिवस” एवं विष्वकर्मा जयंती पर आयोजित सेमिनार में उभरे। कार्यक्रम का आयोजन इण्डियन सोसायटी फोर टेक्निकल एजुकेषन, इन्स्टीटयूट आफ इंजीनियर्स, स्टुडेन्ट चेप्टर तथा पूर्व विद्यार्थी संघ की ओर से किया गया।
कार्यक्रम में अक्षत शर्मा ने कहा कि सोषल साइट्स सामाजिकता को बढ़ावा नहीं देती। वह व्यक्ति को सोषल नहीं बनाती है, यह एक बड़ी विडम्बना है। पोलोमी सान्याल ने सोषल साइट्स के आदी हो चुके लोगों के लिए उदयपुर में काउन्सलिंग सेंटर बनाये जाने की मांग रखी।
जयेष राठौड़ ने कहा कि मोबाईल एवं सोषल साइट्स ने विद्यार्थी वर्ग को अध्ययन से विमुख किया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व अधिक्षण अभियंता जी.पी. सोनी, ने कहा कि इंटरनेट पर सूचनाओं का अंबार है, लेकिन महत्वपूर्ण है कि उपयोगकर्ता अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखते हुए गहराई पूर्वक अध्ययन करे। इन्होनें कहा कि तथ्यात्मक जानकारी एवं निरन्तर विष्लेषण से ही नवाचार किया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य अनिल मेहता ने की। संचालन अमित कुषवाहा, प्राध्यापक ने किया। धन्यवाद प्राध्यापक मोहम्मद सिकन्दर, ने दिया।
